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राष्ट्रपति ने याद किया आईआईटी का गौरवशाली इतिहास, ये बातें बन सकती हैं आपके लिए प्रेरणा स्रोत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 29 Jun 2018 09:22 AM IST
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रपति ने कानपुर आईआईटी के दीक्षांत समारोह में आईआईटीयंस से शहर का पुराना औद्योगिक स्वरूप वापस लाने में मदद करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर शैक्षणिक संस्थान और हर शिक्षित व्यक्ति का अस्तित्व समाज से जुड़ा हुआ है। जिस शहर (कानपुर) में आपका आईआईटी संस्थान है, उसका इतिहास गौरवशाली रहा है। आपकी तरह मैं भी इसी शहर के एक कॉलेज का विद्यार्थी रहा हूं। 20वीं शताब्दी में कानपुर देश का प्रमुख औद्योगिक शहर रहा है। अपनी कपड़ा मिलों के कारण इसे पूरब के मैनचेस्टर का उपनाम मिला।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
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उन्होने कहा कि आज ऑनलाइन अर्थव्यवस्था और चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर में कानपुर को औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों वाले शहर में बदलना बेहद जरूरी है। मुझे विश्वास है कि आप दुनिया भर में अपनी बौद्धिक क्षमताओं को साबित कर अपने परिवार और अध्यापकों की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। इसके साथ ही आपको देश की सरकार, लाखों करदाताओं, सामाजिक संस्थाओं के योगदान को ध्यान में रखते हुए उनकी सहायता के लिए भी तत्पर रहना होगा। जब भी, जैसे ही आपको मौका लगे, सामाजिक ऋण उतारने के लिए तैयार रहना होगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
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युवाओं को दिए सफलता के चार मंत्र
दीक्षांत समारोह में स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति एक शिक्षक की भूमिका में दिखे। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए चार मंत्र दिए। राष्ट्रपति ने कहा कि आप इस देश के इतिहास की सबसे अद्वितीय पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आपकी पीढ़ी असाधारण चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन आपके सामने असीमित अवसर भी मौजूद हैं। आप अपनी असीमित क्षमताओं और ज्ञान से इन चुनौतियों को हराने की काबिलियत रखते हैं। आईआईटी से बाहर असीमित अवसरों और ऊर्जा से भरी दुनिया आपका इंतजार कर रही है। इसमें सफलता अर्जित करने के लिए मैं आपको चार मंत्र बताना चाहूंगा।
दीक्षांत समारोह में स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति एक शिक्षक की भूमिका में दिखे। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए चार मंत्र दिए। राष्ट्रपति ने कहा कि आप इस देश के इतिहास की सबसे अद्वितीय पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आपकी पीढ़ी असाधारण चुनौतियों का सामना कर रही है, लेकिन आपके सामने असीमित अवसर भी मौजूद हैं। आप अपनी असीमित क्षमताओं और ज्ञान से इन चुनौतियों को हराने की काबिलियत रखते हैं। आईआईटी से बाहर असीमित अवसरों और ऊर्जा से भरी दुनिया आपका इंतजार कर रही है। इसमें सफलता अर्जित करने के लिए मैं आपको चार मंत्र बताना चाहूंगा।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
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राष्ट्रपति के मंत्र
1. प्रेरणा लें- बड़े काम करने के लिए ऐसा कर चुके लोगों से प्रेरणा लें। किन योग्यताओं से उन्हें सफलता मिली, उनकी असफलता-सफलता के अनुभवों से आप क्या सीख सकते हैं। कई बार ऐसे सवालों के जवाब खुद शिक्षा बन जाते हैं।
1. प्रेरणा लें- बड़े काम करने के लिए ऐसा कर चुके लोगों से प्रेरणा लें। किन योग्यताओं से उन्हें सफलता मिली, उनकी असफलता-सफलता के अनुभवों से आप क्या सीख सकते हैं। कई बार ऐसे सवालों के जवाब खुद शिक्षा बन जाते हैं।
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2. बड़ा सोचें-जोखिम उठाएं- असफलता से न घबराएं। साधारण लक्ष्य साधारण लोगों के लिए होते हैं। आप हमारी शिक्षा व्यवस्था के सबसे होनहार युवा हैं। आपको असाधारण लक्ष्य तय करने हैं। आप कोई भी कार्य करें, जोखिम जरूर उठाएं। हां इस दौरान आपको असफलता मिलेगी, लेकिन इनसे सबक लेकर आगे बढ़ें। बेहतर समाज और महान राष्ट्र अत्यधिक सतर्कता और जोखिम से बचने वाले रवैए से नहीं बनते।