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पिंटू सेंगर हत्याकांड: हाईकोर्ट से राहत, सऊद की जेल से रिहाई का रास्ता साफ

Sat, 04 Feb 2023 10:19 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 04 Feb 2023 10:19 AM IST
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Pintu Sengar murder case: Relief from High Court, way clear for Saud release from jail
पिंटू सेंगर हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
पिंटू सेंगर हत्याकांड में आरोपी सऊद अख्तर की दो साल बाद जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। सऊद ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत की गई कार्रवाई को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए सऊद के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई को खत्म कर दिया है। सऊद 20 अक्टूबर 2020 से जेल में है।


पिंटू सेंगर की 20 जून 2020 को हत्या हुई थी। पिंटू के भाई धर्मेंद्र ने चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 20 नवंबर 2020 को चार्जशीट कोर्ट भेज दी गई थी। इस मामले में 15 फरवरी 2022 को हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी। इसी बीच 6 मार्च 2021 को उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत चकेरी थाने में एक मुकदमा दर्ज किया गया था इस मामले में भी चार्जशीट कोर्ट भेज दी गई। 34 मुकदमों का आपराधिक इतिहास भी बताया गया है। 30 मार्च 2022 को उसे इस मुकदमे में भी हाईकोर्ट से जमानत मिल गई।
Pintu Sengar murder case: Relief from High Court, way clear for Saud release from jail
पिंटू सेंगर हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
वह जेल से रिहा हो पाता इससे पहले ही आनन-फानन में 31 मार्च 2022 को उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई कर दी गई और उसकी जेल से रिहाई अटक गई थी। एनएसए के खिलाफ सऊद की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 
Pintu Sengar murder case: Relief from High Court, way clear for Saud release from jail
पिंटू सेंगर हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
तर्क रखा गया कि आपराधिक इतिहास में दर्शाए गए कई मुकदमों में पुलिस ही अंतिम रिपोर्ट लगा चुकी है। दो मुकदमे खत्म हो चुके हैं। रिहाई से ठीक पहले एनएसए जानबूझकर लगाया गया। मुकदमे के 17 आरोपियों में से सिर्फ सऊद पर ही एनएसए की कार्रवाई की गई। सुप्रीम कोर्ट की कई विधि व्यवस्थाएं भी दाखिल की गईं। इन सबके आधार पर कोर्ट ने एनएसए की कार्रवाई को अवैध मानते हुए उसे खारिज कर दिया।
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Pintu Sengar murder case: Relief from High Court, way clear for Saud release from jail
पिंटू सेंगर हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
दहेज हत्यारे पति को दस साल कैद
दहेज हत्यारे पति को अपर जिला जज तृतीय प्रथमकांत ने दस साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मौजीलाल की बेटी बेबी की शादी विधनू निवासी प्रदीप उर्फ टोपीलाल से वर्ष 2012 में हुई थी। दहेज में 50 हजार रुपये व मोटरसाइकिल की मांग को लेकर प्रदीप प्रताड़ित करता था। 6 मई 2018 की रात प्रदीप ने बेबी को जलाकर मार डाला था। एडीजीसी मनोज वाजपेई ने बताया कि अभियोजन की ओर से आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने प्रदीप को दहेज हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई।
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पिंटू सेंगर हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
पीयूष अवस्थी बार की सदस्यता से निलंबित
बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री पीयूष अवस्थी को अमर्यादित आचरण व संस्था विरोधी गतिविधियों के चलते एसोसिएशन से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही इसी विवाद से जुड़े एक चैंबर का आवंटन भी निरस्त कर दिया गया है। कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी ने दी। उन्होंने बताया कि बार एसोसिएशन द्वारा मोतीलाल अधिवक्ता भवन के जर्जर छज्जों की मरम्मत व अधिवक्ताओं के लिए पक्के चैंबर का निर्माण कराया जा रहा है। शुक्रवार सुबह पीयूष नशे की हालत में पहुंचे और मजदूरों से गाली-गलौज करते हुए काम रुकवाने की कोशिश की।
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