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जानकर होगा ताज्जुब: इस Zoo में विदेशी चूजों की देसी मां 

Mon, 14 May 2018 12:28 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 14 May 2018 12:28 PM IST
सार

- चिड़ियाघर में शुरू हुआ हैचिंग व ब्रीडिंग सेंटर

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native mother of foreign chicks in this Zoo
कानपुर चिड़ियाघर में बना फीजेंट हैचिंग सेंटर
आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि यूपी के इस चिड़ियाघर में विदेशी चूजों की देखरेख देसी मां कर रही है। यहां चिड़ियाघर के चिकित्सकों ने पक्षियों के अंडों को बचाने व हैचिंग के लिए नई तरकीब निकाली है। 

 
native mother of foreign chicks in this Zoo
डेमाे पिक
कानपुर चिड़ियाघर में विदेशी फीजेन्ट श्रेणी (जमीन में रहने वाले पक्षी) के पक्षियों के अंडों व हैचिंग के लिए चिकित्सकों ने एक नया एक्सपेरिमेंट किया है। यहां देशी मुर्गियां विदेशी पक्षियों के अंडों व चूजों की देखरेख कर रही हैं।
इससे चिड़ियाघर में फीजेंट की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। चिड़ियाघर के चिकित्सक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि चिड़ियाघर में देखने में आया कि विदेशी फीजेंट अपने अंडों की हैचिंग करने के बजाय उसे छोड़ देती हैं। इस पर उन्होंने फीजेंट के अंडों की हैचिंग देसी मुर्गियों से कराना शुरू कराया गया। इसका सकारात्मक परिणाम मिलने लगा। अभी एक सप्ताह के भीतर ही लेडी अम्हर्ट्स फीजेंट, गोल्डेन फीजेंट, रिंग नेक फीजेंट, कलिज फीजेंट के दस से अधिक अंडों से चूजे हुए। देसी मुर्गियां उन्हें अपना समझ रहीं हैं। यह देख चिड़ियाघर में रविवार को हैचिंग व ब्रीडिंग सेंटर शुरू कर दिया गया है। जहां इस तरह के अंडों की हैचिंग और चूजों का लालन-पालन शुरू कर दिया गया है। पक्षी घर के कीपर विनोद, सन्तोष, देवेंद्र व शिवपाल का इसमें विशेष योगदान है।

 

सात प्रजातियों के 40 से अधिक फीजेंट

native mother of foreign chicks in this Zoo
डेमाे पिक
चिड़ियाघर के चिकित्सकों की देन है कि मौजूद समय में यहां सात प्रजातियों के 40 से अधिक फीजेंट हैं। जो इसी तरह से विकसित किए गए हैं। हैचिंग-ब्रीडिंग सेंटर खुलने से अब इनकी संख्या में तेजी से इजाफा होगा।
 
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हैचिंग मशीन का इस्तेमाल नहीं किया

native mother of foreign chicks in this Zoo
डेमाे पिक
चिड़ियाघर में अंडों की हैचिंग के लिए मशीन भी है, लेकिन चिड़ियाघर के चिकित्सकों ने देसी तरकीब ही अपनाई जो पूरी तरह से सफल है। इससे अंडों से बच्चे होने के साथ ही उन्हें मां का भी प्यार मिल रहा है। मुर्गियां समझ ही नहीं पा रहीं कि यह उनके बच्चे नहीं हैं।

 
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फीजेंट की देश-विदेश में मांग

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डेमाे पिक
जानकारों की मानें तो अम्हर्ट्स फीजेंट, गोल्डेन फीजेंट, रिंग नेक फीजेंट, कलिज फीजेंट के जोड़े बहुत कीमती होते हैं। इन्हें अन्य वन्य जीवों से एक्सचेंज करने का अच्छा मौका मिलता है। जिनकी डिमांड देश और विदेश के चिड़ियाघरों में लगातार बनी रहती है।
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