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एेसी दिवानगी शायद ही देखी होगी, दुनिया के सबसे बड़े मालवाहक जहाज का नाम रखा ‘आगरा’
प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 01 Dec 2018 04:04 PM IST
सार
- लंदन में रह रहे शहर के जहाज कारोबारी रवि बाबू के दो जहाजों के नाम हैं ‘कानपुर’ और ‘बरेली’
- 2020 तक बेडे़ में शामिल होंगे दो और जहाज, एक का नाम होगा ‘प्रयागराज’ दूसरे का ‘वाराणसी’
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लंदन निवासी शिपिंग कंपनी के मालिक रवि कुमार मेहरोत्रा
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर शहर के उद्योगपति व लंदन निवासी शिपिंग (पानी के जहाज) कंपनी के मालिक रवि कुमार मेहरोत्रा की अपनी माटी से मोहब्बत की एक और बानगी देखिए। खुद के खड़े किए हुए जहाज के कारोबार में एक और जहाज शामिल किया तो उसका नाम ‘आगरा’ रख दिया। यह दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक जहाज है। इसमें एक बार में 20 लाख बैरल तेल आ सकता है। रवि बाबू की शिपिंग कंपनी में पहले से ही दो जहाज हैं। उनमें से एक का नाम ‘कानपुर’ और दूसरे का ‘बरेली’ है।
डेमो पिक
रवि कुमार मेहरोत्रा इन दिनों स्वदेश के दौरे पर हैं। शुक्रवार को वे अपने शहर कानपुर पहुंचे। आर्यनगर स्थित अपनी आमेर मेरीटाइम एकेडमी में परिचितों से मिले। अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 तक कंपनी के बेडे़ में पांच मालवाहक जहाज शामिल करने का लक्ष्य है।
बेड़े में जितने भी जहाज बढ़ते जाएंगे, उन सभी के नाम उत्तर प्रदेश के शहरों के नाम पर होंगे। अगले दो साल में दो जहाजों को शामिल करने की तैयारी है। इनमें से एक का नाम ‘प्रयागराज’ और दूसरे का ‘वाराणसी’ रखने की इच्छा है। इस तरह से वे कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के शहरों के नाम दुनिया भर में चर्चा में लाने का प्रयास कर रहे हैं।
बेड़े में जितने भी जहाज बढ़ते जाएंगे, उन सभी के नाम उत्तर प्रदेश के शहरों के नाम पर होंगे। अगले दो साल में दो जहाजों को शामिल करने की तैयारी है। इनमें से एक का नाम ‘प्रयागराज’ और दूसरे का ‘वाराणसी’ रखने की इच्छा है। इस तरह से वे कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के शहरों के नाम दुनिया भर में चर्चा में लाने का प्रयास कर रहे हैं।
डेमो पिक
जहाजों के नाम सुनते ही अपनों की याद आती है
रवि बाबू बताते हैं कि इन जहाजों का नामकरण अपने शहरों के नाम पर इसलिए किया ताकि उन्हें अपनी माटी और अपनों की याद आती रहे। कानपुर उनकी जन्मस्थली है और बरेली ससुराल। आगरा में बड़े भाई डॉ. एमएल मेहरोत्रा रहते थे। वे ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) के विशेषज्ञ डॉक्टर थे।
रवि बाबू बताते हैं कि इन जहाजों का नामकरण अपने शहरों के नाम पर इसलिए किया ताकि उन्हें अपनी माटी और अपनों की याद आती रहे। कानपुर उनकी जन्मस्थली है और बरेली ससुराल। आगरा में बड़े भाई डॉ. एमएल मेहरोत्रा रहते थे। वे ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) के विशेषज्ञ डॉक्टर थे।
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रवि कुमार मेहरोत्रा
इसके अलावा दुनिया भर के लोग आगरा को ताजमहल की वह से जानते हैं। तीनों जहाजों पर बड़े अक्षरों में अपने शहरों के नाम लिखे हैं। ये समुद्री मालवाहक जहाज दुनिया भर में भ्रमण करते हैं। कानपुर, बरेली और आगरा के नाम से बुलाए जाते हैं।
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रवि कुमार मेहरोत्रा
अपने शहर और अपनों से प्रेम के लिए रवि बाबू का जिक्र इसलिए हो रहा है क्योंकि दूर देश लंदन में रहने के बावजूद उन्हें गंगा के घाटों की चिंता है। उन्होंने शहर के गंगा घाटों को गोद लिया है। शहर के अंदर गंगा किनारे एक छोर से दूसरे छोर तक इसे विकसित करना चाहते हैं।
‘आगरा’ की खासियत
रवि कुमार मेहरोत्रा की शिपिंग कंपनी में तीसरा जहाज फरवरी 2017 में शामिल किया गया। बाद में इसका नाम ‘आगरा’ रखा गया। यह तीन लाख छह हजार टन क्षमता वाला माल वाहक जहाज है। उन्होंने दावा किया है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा माल वाहन जहाज है। कारोबारी भाषा में इसे वीएलसीसी (वेरी लार्ज क्रूड कैरियर) कहते हैं।
‘आगरा’ की खासियत
रवि कुमार मेहरोत्रा की शिपिंग कंपनी में तीसरा जहाज फरवरी 2017 में शामिल किया गया। बाद में इसका नाम ‘आगरा’ रखा गया। यह तीन लाख छह हजार टन क्षमता वाला माल वाहक जहाज है। उन्होंने दावा किया है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा माल वाहन जहाज है। कारोबारी भाषा में इसे वीएलसीसी (वेरी लार्ज क्रूड कैरियर) कहते हैं।