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World Aids Day 2018: इन लक्षणों को अनदेखा न करें, तह तक जाएं और इस बीमारी को जड़ से मिटाएं

Sat, 01 Dec 2018 03:13 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 01 Dec 2018 03:13 PM IST
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special story on World Aids Day
डेमो पिक
विश्व एड्स दिवस (World Aids Day) हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य एचआईवी संक्रमण की वजह से होने वाली महामारी एड्स के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। अक्सर देखा गया है कि लोग इस बीमारी के लक्षणों को अनदेखा करते हैं फिर इसकी चपेट में आकर जान तक गवा बैठते हैं। एेसे में जरूरी है कि इस बीमारी के लक्षणों के बारे में जानें और किसी भी तरह का अंदेशा होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 



 
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एड्स वर्तमान युग की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। एेसे में इससे निपटने के लिए इस विषय के हर पहलू को जानना बेहद जरूरी है। 
 
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एेसे हुई इस दिन की शुरूआत 
विश्व एड्स दिवस सबसे पहले अगस्त 1987 में जेम्स डब्ल्यू बुन और थॉमस नेटर नाम के व्यक्ति ने मनाया था। जेम्स डब्ल्यू बुन और थॉमस नेटर विश्व स्वास्थ्य संगठन में एड्स पर ग्लोबल कार्यक्रम (WHO) के लिए अधिकारियों के रूप में जिनेवा, स्विट्जरलैंड में नियुक्त थे। जेम्स डब्ल्यू बुन और थॉमस नेटर ने WHO के ग्लोबल प्रोग्राम ऑन एड्स के डायरेक्टर जोनाथन मान के सामने विश्व एड्स दिवस मनाने का सुझाव रखा। जोनाथन को विश्व एड्स दिवस (World Aids Day) मनाने का विचार अच्छा लगा और उन्होंने 1 दिसंबर 1988 को विश्व एड्स डे मनाने के लिए चुना। तब से 1 दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस मानाया जाता है। साथ ही इस बीमारी से निपटने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। 
 
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HIV के अंतिम चरण में एड्स बन जाता है 
यह वायरस खून में मौजूद टी कोशिकाओं जो शरीर को बाहरी रोगों से सुरक्षा प्रदान करती हैं और मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्रभावित करती हैं उन्हें धीरे-धीरे खत्म करता है। कुछ साल बाद स्थिति यह हो जाती है कि शरीर आम रोगों के कीटाणुओं से अपना बचाव नहीं कर पाता है। साथ ही तरह-तरह की बीमारियों से घिर जाता है। एचआईवी वायरस अपने अंतिम चरण में पहुंचकर एड्स बन जाता है।
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डेमो पिक
ये हैं लक्षण
- बुखार आना
- पसीना आना
- थकान रहना
- भूख कम लगना
- वजन घटना
- उल्टी आना
- गले में खराश रहना
- खांसी होना
- सांस लेने में समस्या
- शरीर पर चकत्ते होना
- स्किन प्रॉब्लम होना
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