जल ही जीवन है पर क्या अापकाे पता है कि पिछले 29 सालाें से एक महिला ने अापकाे स्वच्छ पानी पिलाने की जिम्मेदारी संभाल रखी है। इंटरनेशनल वुमन्स डे पर हम अापकाे उनसे रूबरू करवाने जा रहे हैं।
शहरभर में शुद्ध पानी पिलाने का जिम्मा एक महिला अमिता वाजपेयी के भरोसे है। वह 29 साल से रोज गंगा से मिल रहे कच्चे पानी को शोधित कराती हैं। जलकल विभाग उसी पानी की आपूर्ति करता है।
अमिता वाजपेयी ने जुलाई 1989 में जलकल विभाग केमिस्ट के पद पर कार्यभार संभाला था। 25 करोड़ लीटर पानी के शोधन की जिम्मेदारी वह संभाल रही हैं। 2008 में प्रमोशन मिलने पर वह मुख्य जल विश्लेषक बन गईं, तब से इसी पद पर हैं।
रोज सुबह से शाम तक कच्चे पानी के नमूने लेना, उसे सेटेलिक टैंकों में शोधित करना, शोधित पानी के नमूने लेकर जांच करना उनकी दिनचर्या है। वह बताती हैं कि त्यौहार ही नहीं कभी - कभी रविवार को भी जरूरत महसूस होने पर घर से तुरंत जलकल विभाग वाटर वर्क्स, बेनाझाबर पहुंच जाती हैं।