कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस की छात्रा अमृता की मौत के मामले में परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग में इंजीनियर आरएस वर्मा के मुताबिक कॉलेज प्रशासन के कुछ लोग काफी समय से बेटी का उत्पीड़न कर रहे थे।
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एमबीबीएस छात्रा की मौत का मामला
- फोटो : अमर उजाला
बेटी ने उत्पीड़न करने वाले का नाम पत्नी को बताया था, जिसका खुलासा वह बाद में करेंगे। आरएस वर्मा ने बताया कि बेटी थर्ड ईयर से ही इंटर्नशिप की तैयारी कर रही थी। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ की वजह से वह झांसी मेडिकल कॉलेज से इंटर्न करना चाहती थी।
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बेटी के कहने पर झांसी मेडिकल कॉलेज में बात भी की थी। घटना वाले दिन (23 जनवरी) दोपहर 12 बजे अमृता ने कॉल करके इटावा मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप के लिए बातचीत करने को कहा था। मीटिंग में व्यस्त होने की वजह से वह ज्यादा देर तक उससे बात नहीं कर पाए थे।
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उनका कहना है कि बेटी अपने करियर को बनाने की तैयारी में जुटी थी। ऐसे में वह खुदकुशी नहीं कर सकती। उन्होंने बेटी की हत्या की आशंका जताई। आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन और पुलिस ने दबाव बनाकर शनिवार को भैरोघाट पर शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। उन्होंने सुसाइड नोट को फर्जी बताकर हैंडराइटिंग की जांच करवाने की मांग की है।
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अटेंडेंस के नाम पर किया जा रहा था उत्पीड़न
पिता ने बताया कि क्लास में उपस्थित रहने के बावजूद प्रोफेसर उसे गैर हाजिर कर देते थे। अटेंडेंस लगाने के नाम पर उसका उत्पीड़न किया जा रहा था। कुछ दिन पहले बेटी ने फोन करके उत्पीड़न करने वाले एक सीनियर का नाम भी बताया था। बाद में वह उसके खिलाफ केस दर्ज करवाएंगे।