महोबा जिले के विभिन्न इलाकों में मंगलवार की रात लगातार आठ घंटे हुई बारिश से हर ओर पानी ही पानी नजर आया। रपटा और नाले उफना गए। बुड़ेरा गांव से निकली क्योलारी नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी के तेज बहाव में एक डंपर डूब गया। चालक व क्लीनर ने तैरकर अपनी जान बचाई। वहीं कुलपहाड़ के जैतपुर रोड पर रेलवे अंडरब्रिज में जलभराव और सड़क पर विशाल पेड़ गिरने से आवागमन ठप रहा।
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Mahoba: आठ घंटे की बारिश से नदी में बहा डंपर, रपटे-नाले उफनाए, हर ओर पानी ही पानी, देखें तस्वीरें
Wed, 18 Sep 2024 08:34 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 18 Sep 2024 08:34 PM IST
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क्योलारी नदी में बहा बालू भरा डंपर
- फोटो : अमर उजाला
कुलपहाड़ अंडरपास में भरा बारिश का पानी
- फोटो : अमर उजाला
आसपास मौजूद ग्रामीणों चालक को मना किया लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी और डंपर को पुल पार कराने लगा। नदी में पानी के तेज बहाव के चलते बालू भरा डंपर बह गया। तब चालक बबलू व खलासी नीरज कुमार ने तैरकर अपनी जान बचाई। वहीं, कई लोग कमर तक पानी से चलकर हाथों में साइकिल लिए पुल पार करते नजर आए। कुलपहाड़ संवाद के अनुसार बारिश के चलते कुलपहाड़ के जैतपुर रोड स्थित रेलवे अंडरब्रिज में पानी भरने से आवागमन ठप हो गया। पानी निकासी के बाद ही अंडरब्रिज से आवागमन शुरू हुआ। इसी मार्ग पर क्रशर प्लांट के पास तेज हवा और बारिश के दौरान विशाल पेड़ गिरने से दो घंटे तक आवागमन ठप रहा। इससे वाहनों की कतारें लग गईं।
सूचना पर वन विभाग के कर्मचारियों ने वृक्ष को काटकर रास्ते से अलग किया। तब कहीं जाकर आवागमन शुरू हो सका। खरेला संवाद के अनुसार बारिश के चलते रमाकांत मिश्रा, रामनरेश, अशोक कुमार सिंह व रामप्रकाश के मकान बारिश में गिर गए। इससे हजारों की गृहस्थी मलबे में दबकर बर्बाद हो गई। पीड़ितों ने राजस्व विभाग को सूचना दी है।
सूचना पर वन विभाग के कर्मचारियों ने वृक्ष को काटकर रास्ते से अलग किया। तब कहीं जाकर आवागमन शुरू हो सका। खरेला संवाद के अनुसार बारिश के चलते रमाकांत मिश्रा, रामनरेश, अशोक कुमार सिंह व रामप्रकाश के मकान बारिश में गिर गए। इससे हजारों की गृहस्थी मलबे में दबकर बर्बाद हो गई। पीड़ितों ने राजस्व विभाग को सूचना दी है।
पानी बहने के बीच हाथ में साइकिल लेकर निकलता ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
सात साल बाद टूटा रिकॉर्ड, 75 एमएम बारिश दर्ज
मंगलवार को पूरी रात बारिश होने से सात साल का रिकार्ड टूट गया। आठ घंटे में 75 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे पहले वर्ष 2017 में इस तरह की बारिश हुई थी। इसके बाद शहर में इस तरह की बारिश नहीं हुई। मंगलवार को हुई बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई। बुधवार को मौसम का अधिकतम तापमान 29 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मंगलवार को पूरी रात बारिश होने से सात साल का रिकार्ड टूट गया। आठ घंटे में 75 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे पहले वर्ष 2017 में इस तरह की बारिश हुई थी। इसके बाद शहर में इस तरह की बारिश नहीं हुई। मंगलवार को हुई बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई। बुधवार को मौसम का अधिकतम तापमान 29 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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क्रशर प्लांट के पास गिरे पेड़ को काटकर अलग करते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
तिल-उड़द की फसल तबाह
मौसम की मार ने किसानों को तबाह कर दिया है। एक सप्ताह पहले हुई बारिश से किसान उबर भी नहीं पाए थे कि मंगलवार को हुई बारिश ने रही-सही कसर पूरी कर दी। लगातार आठ घंटे तक बारिश से खेतों में मौजूद तिल और उड़द की फसल बर्बाद हो गई। इससे किसान परेशान है। किसानों को अब फसल की लागत भी निकलना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
मौसम की मार ने किसानों को तबाह कर दिया है। एक सप्ताह पहले हुई बारिश से किसान उबर भी नहीं पाए थे कि मंगलवार को हुई बारिश ने रही-सही कसर पूरी कर दी। लगातार आठ घंटे तक बारिश से खेतों में मौजूद तिल और उड़द की फसल बर्बाद हो गई। इससे किसान परेशान है। किसानों को अब फसल की लागत भी निकलना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
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कुलपहाड़ का बड़ा तालाब उफनाने पर इसे देखने के लिए जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
कुलपहाड़ के बड़े तालाब का झरना शुरू
झमाझम बारिश से कस्बे के बड़े तालाब का झरना शुरू हो गया। पूरी रात तेज हवा के साथ झमाझम बारिश होने से बड़ा तालाब लबालब भर गया। इसे पानी ओवरफ्लो होकर निकलता रहा। कई सालों बाद तालाब उफनाने से लोग भयभीत रहे। झरना देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही।
झमाझम बारिश से कस्बे के बड़े तालाब का झरना शुरू हो गया। पूरी रात तेज हवा के साथ झमाझम बारिश होने से बड़ा तालाब लबालब भर गया। इसे पानी ओवरफ्लो होकर निकलता रहा। कई सालों बाद तालाब उफनाने से लोग भयभीत रहे। झरना देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही।