फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इस शहर के लिए बेहद खास है आज का दिन, 102 साल पहले बापू ने रखे थे कदम, जताई थी ये चिंता

Sun, 16 Dec 2018 09:30 AM IST
शिखा पांडेय विष्णु त्रिपाठी, कानपुर
विष्णु त्रिपाठी, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 16 Dec 2018 09:30 AM IST
विज्ञापन
Mahatma Gandhi visited kanpur 102 years ago
डेमो पिक
102 साल पहले दिसंबर महीने की 16 तारीख कानपुर के लिए बहुत महत्वपूर्ण थी। 16 दिसंबर 1916 ही वह दिन था, जब पहली बार महात्मा गांधी के चरण कानपुर की धरती पर पड़े थे। डाक विभाग इस मौके पर रविवार को महात्मा गांधी पर विशेष आवरण (स्पेशल कवर) का विमोचन करेगा। महात्मा गांधी का 102 साल पहले यहां आने का कोई पूर्व नियोजित कार्यक्रम नहीं था। लखनऊ में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महाधिवेशन था। इसमें शामिल होने कानपुर से पत्रकार शिरोमणि गणेश शंकर विद्यार्थी भी गए थे। वह यहां से यह बात ठानकर गए थे कि महाधिवेशन की समाप्ति के बाद वह महात्मा गांधी और लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को कानपुर लेकर जरूर आएंगे। वह अपने इस संकल्प में सफल रहे।
Mahatma Gandhi visited kanpur 102 years ago
डेमो पिक
16 दिसंबर को दोनों विभूतियां कानपुर पहुंचीं। उस समय लोगों के मन में अंग्रेजों का बहुत खौफ था। इसलिए इन दोनों विभूतियों को कोई भी अपने यहां ठहराने को राजी नहीं हुआ। प्रताप समाचारपत्र में गणेश शंकर विद्यार्थी के सहयोगी रहे दशरथ प्रसाद द्विवेदी ने अपने संस्मरण में लिखा है कि जब महात्मा गांधी और लोकमान्य तिलक को ठहरने का कहीं ठौर नहीं मिला, तो महात्मा गांधी को प्रताप अखबार के दफ्तर में ठहराया गया और लोकमान्य को पुराने रेलवे स्टेशन के पास एक धर्मशाला में। उस समय लोग महात्मा गांधी के व्यक्तित्व से उतने परिचित नहीं थे, जितने कि लोकमान्य के। गुजराती पगड़ी और लंबा कोट पहने महात्मा उस समय मोहनदास करमचंद गांधी ही थे। लोकमान्य तिलक के नेतृत्व में एक जुलूस निकला था और परेड में सभा हुई थी, लेकिन इस सभा में महात्मा गांधी का भाषण नहीं हुआ था। महात्मा गांधी ने कानपुर की इस पहली यात्रा में कई लोगों से मुलाकात जरूर की थी। वह डॉ. मुरारीलाल रोहतगी से मिलने उनके घर गए थे।
Mahatma Gandhi visited kanpur 102 years ago
डेमो पिक
दूसरी यात्रा में स्वदेशी वस्त्र पहनने के लिए प्रेरित किया
महात्मा गांधी दूसरी बार 21 जनवरी 1920 को इलाहाबाद से लौटते समय कानपुर आए। उन्होंने स्वदेशी वस्त्र भंडार का उद्घाटन किया और लोगों को स्वदेश में निर्मित वस्त्र पहनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने व्यापारियों को भी संबोधित किया। महात्मा गांधी ने अपने भाषण में कानपुर की तुलना बंबई (अब मुंबई) की औद्योगिक प्रगति से की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि कानपुर की जलवायु काफी शुद्ध है।

तीसरी यात्रा में जताई थी चिंता
सन 1920 में ही महात्मा गांधी तीसरी बार कानपुर आए। उन्होंने परेड मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। इसमें उन्होंने सांप्रदायिक तनाव पर चिंता जताई थी। उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि भ्रम में न आएं। विवेक से काम लें। आपस में विचार-विमर्श करें और मिलजुल कर रहें।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Mahatma Gandhi visited kanpur 102 years ago
डेमो पिक
चौथी यात्रा में अंग्रेजों को ललकारा
चौथी बार 8 अगस्त 1921 को जब महात्मा गांधी कानपुर आए, तो उनके तेवर तीखे थे। उन्होंने मारवाड़ी विद्यालय में पहले तो महिला सशक्तीकरण पर व्याख्यान दिया। फिर अंग्रेजों को ललकारते हुए कहा, अगर अंग्रेजों को भारत में रहना है, तो मालिकों की तरह नहीं, सेवकों की तरह रहना होगा।

पांचवीं बार अधिवेशन में आए
महात्मा गांधी पांचवीं बार कानपुर तब आए, जब दिसंबर सन 1925 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महाधिवेशन यहां हुआ। उन्होंने इस बार कई सभाएं कीं और लोगों को स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया।

 
विज्ञापन
Mahatma Gandhi visited kanpur 102 years ago
डेमो पिक
छठी यात्रा में दलितों से भेदभाव दूर करने के लिए कहा
महात्मा गांधी छठी बार कानपुर 22 सितंबर 1929 को आए। इस बार उन्होंने जनसभा में लोगों से आह्वान किया कि दलितों के साथ भेदभाव न करें। वह इस बार कानपुर में तीन दिन रुके थे।


सातवीं यात्रा में किया शास्त्रार्थ
महात्मा गांधी अंतिम बार 22 जुलाई 1934 को कानपुर आए। इस बार उन्होंने दलितों को मंदिरों में प्रवेश दिलाने के लिए सनातनियों से शास्त्रार्थ किया। नतीजा यह हुआ कि अधिकांश मंदिरों के द्वार दलितों (हरिजनों) के लिए खुल गए।


 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed