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चंद्र ग्रहण 2018: 176 साल बाद ऐसा महायोग, भूलकर भी न करें ये काम
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 31 Jan 2018 04:59 PM IST
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माघ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के दिन 31 जनवरी को चंद्र ग्रहण लगेगा। 176 वर्ष बाद यह ग्रहण माघ पूर्णिमा के अवसर पर पड़ रहा है। ये ग्रहण पूरे भारत में दिखेगा। आचार्य विष्णु महाराज बता रहे हैं कि चंद्र ग्रहण का प्रभाव किन राशियों पर पड़ेगा। साथ ही किन वस्तुअों को दान करने से सभी कार्य पूरे होंगे।
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इन राशियों के लिए शुभ व अशुभ है ग्रहण दर्शन
चंद्र ग्रहण पुष्य व आश्लेशा नक्षत्र एवं कर्क राशि पर चरितार्थ रहेगा। इन नक्षत्र व मेष, कर्क, सिंह, धनु राशि वालों के लिए ग्रहण दर्शन करना अशुभ है। वहीं वृष,कन्या, तुला, कुम्भ राशि के लिए दर्शन करना शुभ सुखद है। वृश्चिक,मीन व मकर राशि वालों के लिए ग्रहण दर्शन का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह चंद्र ग्रहण भारत वर्ष के अलावा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, कोरिया, रूस आदि जगहों पर भी दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण पुष्य व आश्लेशा नक्षत्र एवं कर्क राशि पर चरितार्थ रहेगा। इन नक्षत्र व मेष, कर्क, सिंह, धनु राशि वालों के लिए ग्रहण दर्शन करना अशुभ है। वहीं वृष,कन्या, तुला, कुम्भ राशि के लिए दर्शन करना शुभ सुखद है। वृश्चिक,मीन व मकर राशि वालों के लिए ग्रहण दर्शन का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह चंद्र ग्रहण भारत वर्ष के अलावा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, कोरिया, रूस आदि जगहों पर भी दिखाई देगा।
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चंद्र ग्रहण का समय
176 वर्ष बाद पड़ रहे ग्रहण का स्पर्श सायंकाल 05:18 बजे, मध्यम शाम 7:00 बजे और मोक्ष काल रात्रि 08:42 मिनट पर होगा। ग्रहण का सूतक सुबह 08:34 मिनट पर लग जाएगा। इस चंद्र ग्रहण का स्पर्श पुष्य नक्षत्र में होगा और समाप्ति श्लेषा नक्षत्र में होगी।
176 वर्ष बाद पड़ रहे ग्रहण का स्पर्श सायंकाल 05:18 बजे, मध्यम शाम 7:00 बजे और मोक्ष काल रात्रि 08:42 मिनट पर होगा। ग्रहण का सूतक सुबह 08:34 मिनट पर लग जाएगा। इस चंद्र ग्रहण का स्पर्श पुष्य नक्षत्र में होगा और समाप्ति श्लेषा नक्षत्र में होगी।
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इन व्यवसायों को मिलेगा लाभ
कर्क राशि पर इस ग्रहण का प्रभाव कुछ ज्यादा ही पड़ेगा। चंद्र ग्रहण घी, गुण, तेल, मोती, चावल, सोना, पीतल, सुपाडी, लाल रंग की वस्तु कंदमूल आदि व्यवसायों के लिए लाभकारी है।
कर्क राशि पर इस ग्रहण का प्रभाव कुछ ज्यादा ही पड़ेगा। चंद्र ग्रहण घी, गुण, तेल, मोती, चावल, सोना, पीतल, सुपाडी, लाल रंग की वस्तु कंदमूल आदि व्यवसायों के लिए लाभकारी है।
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सूतक के समय इन चीजों का रखें ध्यान
- सूतक और ग्रहण का समय भगवान की मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण के समय भगवान के नाम का जप और दान करना चाहिए।
- पवित्र नदी में स्नान और हवन का इस समय विशेष महत्व है।
- ग्रहण के साय धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन नहीं करना चाहिए।
- गर्भवती महिलाअों को इस समय फल, सब्जी आदि नहीं काटनी चाहिए।
- सूतक और ग्रहण का समय भगवान की मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए।
- ग्रहण के समय भगवान के नाम का जप और दान करना चाहिए।
- पवित्र नदी में स्नान और हवन का इस समय विशेष महत्व है।
- ग्रहण के साय धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन नहीं करना चाहिए।
- गर्भवती महिलाअों को इस समय फल, सब्जी आदि नहीं काटनी चाहिए।