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74 घंटे से भूखे-प्यासे श्रमिकों ने की तोड़-फोड़ पथराव, 400 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Sun, 24 May 2020 05:34 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 24 May 2020 05:34 AM IST
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टूटे सीसी और स्टेशन पर
- फोटो : amar ujala
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बंगलुरू से बिहार के दरभंगा जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन की धीमी रफ्तार और भोजन, पानी व बिजली न होने से परेशान यात्रियों ने सफर के 74 घंटे बाद आपा खो दिया। कानपुर से चली ट्रेन उन्नाव जंक्शन पर फिर रुकी तो सैकड़ों यात्रियों ने उपद्रव शुरू कर दिया। स्टेशन मास्टर के कार्यालय, निकास द्वार के शीशे और यात्रियों के बैठने के लिए प्लेटफार्म पर लगीं बेंचें भी तोड़ीं।
स्टेशन पर तैनात जीआरपी, आरपीएफ व रेलवे कर्मचारियों ने कार्यालयों में छिपकर खुद का बचाव किया। आनन-फानन ट्रेन को रवाना कर दिया गया। ट्रेन को सोनिक स्टेशन पर रोका गया तो वहां भी भीड़ ने तोड़फोड़ की। इसके बाद अजगैन स्टेशन पर रुकी तो वहां भी यात्रियों ने रेलवे संपत्ति पर अपना गुस्सा उतारा। घटना की सूचना पर डीएम, एसपी रेलवे स्टेशन पहुंचे।
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स्टेशन पर तैनात जीआरपी, आरपीएफ व रेलवे कर्मचारियों ने कार्यालयों में छिपकर खुद का बचाव किया। आनन-फानन ट्रेन को रवाना कर दिया गया। ट्रेन को सोनिक स्टेशन पर रोका गया तो वहां भी भीड़ ने तोड़फोड़ की। इसके बाद अजगैन स्टेशन पर रुकी तो वहां भी यात्रियों ने रेलवे संपत्ति पर अपना गुस्सा उतारा। घटना की सूचना पर डीएम, एसपी रेलवे स्टेशन पहुंचे।
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टूटी पड़ी बेंच
- फोटो : amar ujala
डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि ट्रेन में पानी, भोजन व बिजली न होने के साथ ही अलग-अलग स्टेशनों पर रोके जाने से नाराज होकर यात्रियों का गुस्सा फूटा है। वह अपनी रिपोर्ट रेलवे के उच्चाधिकारियों को भेजेंगे। जीआरपी एसओ संतोष कुमार राय ने बताया कि 400 अज्ञात रेल यात्रियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बंगलुरू से 20 मई को सुबह आठ बजे चली श्रमिक स्पेशल ट्रेेन नंबर 07387 सुबह 9:45 बजे उन्नाव जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची। ट्रेन के रुकते ही करीब चार सौ यात्री पानी भरने के लिए उतरे। लेकिन सभी टोटियों में पानी न आने से वह हंगामा करने लगे। जीआरपी, आरपीएफ सक्रिय होती इससे पहले यात्रियों की भीड़ ने रेलवे ट्रैक पर पत्थर उठाकर फेंकना शुरू कर दिया।
बंगलुरू से 20 मई को सुबह आठ बजे चली श्रमिक स्पेशल ट्रेेन नंबर 07387 सुबह 9:45 बजे उन्नाव जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची। ट्रेन के रुकते ही करीब चार सौ यात्री पानी भरने के लिए उतरे। लेकिन सभी टोटियों में पानी न आने से वह हंगामा करने लगे। जीआरपी, आरपीएफ सक्रिय होती इससे पहले यात्रियों की भीड़ ने रेलवे ट्रैक पर पत्थर उठाकर फेंकना शुरू कर दिया।
टूटे सीसे और पत्थर
- फोटो : amar ujala
इससे जंक्शन के मुख्य द्वार और स्टेशन मास्टर के कार्यालय कक्ष का शीशा टूट गया। आक्रोशित यात्रियों ने प्लेटफार्म पर लगे पंखे व घड़ी भी तोड़ दी। यात्रियों ने ओएचई लाइन संचालन के केबिन में भी तोड़फोड़ का प्रयास किया। रेलवे पुलिस ने केबिन को चारो तरफ से घेरकर लाठियां पटक कर भीड़ को दूर किया। यहां करीब 25 मिनट तक यात्रियों का उपद्रव चला।
10:15 बजे आनन-फानन सिग्नल देकर ट्रेन को उन्नाव जंक्शन से रवाना कर दिया गया। इसपर हंगामा कर रहे यात्री दौड़कर ट्रेन में चढ़ गए। स्टेशन मास्टर हैदर मेहंदी ने रेलवे कंट्रोल रूम को भी घटना की सूचना दी। इसके बाद यह ट्रेन 10:27 बजे ट्रेन सोनिक स्टेशन पहुंची। सिग्नल न मिलने से खड़ी हो गई। प्रवासी यात्रियों ने यहां भी हंगामा किया। दूसरे ट्रैक पर खाली खड़ी यात्री ट्रेनों पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए। नलों की टोटियां और प्लेटफार्म की बेंचें तोड़ डालीं।
10:15 बजे आनन-फानन सिग्नल देकर ट्रेन को उन्नाव जंक्शन से रवाना कर दिया गया। इसपर हंगामा कर रहे यात्री दौड़कर ट्रेन में चढ़ गए। स्टेशन मास्टर हैदर मेहंदी ने रेलवे कंट्रोल रूम को भी घटना की सूचना दी। इसके बाद यह ट्रेन 10:27 बजे ट्रेन सोनिक स्टेशन पहुंची। सिग्नल न मिलने से खड़ी हो गई। प्रवासी यात्रियों ने यहां भी हंगामा किया। दूसरे ट्रैक पर खाली खड़ी यात्री ट्रेनों पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए। नलों की टोटियां और प्लेटफार्म की बेंचें तोड़ डालीं।
टूटी पड़ी बेंच
- फोटो : amar ujala
ट्रेन को यहां से रवाना कर 10:42 बजे अजगैन स्टेशन पहुंचकर रोक दिया गया। तो यात्री फिर भड़क गए। प्लेटफार्म पर यात्रियों के बैठने के लिए लगीं सीटें तोड़ दीं। अप लाइन पर खाली खड़ी ट्रेनों पर पथराव कर नुकसान पहुंचाया। बवाल बढ़ते देख 12 मिनट बाद ट्रेन को लखनऊ के लिए रवाना कर दिया गया। डीएम रवींद्र कुमार व एसपी विक्रांतवीर भी कुछ ही देर में उन्नाव रेलवे स्टेशन पहुंचे।
स्टेशन मास्टर हैदर मेहंदी ने डीएम को बताया कि लखनऊ में रेलवे ट्रैक व्यस्त होने से ट्रेनों को रोक कर जैसे ही ट्रैक खाली होने की सूचना मिलती है रवाना किया जाता है। डीएम ने रेलवे स्टेशन पर चौबीसों घंटे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम, एसपी ने अजगैन और सिटी मजिस्ट्रेट चंदन कुमार पटेल ने सोनिक रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया।
स्टेशन मास्टर हैदर मेहंदी ने डीएम को बताया कि लखनऊ में रेलवे ट्रैक व्यस्त होने से ट्रेनों को रोक कर जैसे ही ट्रैक खाली होने की सूचना मिलती है रवाना किया जाता है। डीएम ने रेलवे स्टेशन पर चौबीसों घंटे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम, एसपी ने अजगैन और सिटी मजिस्ट्रेट चंदन कुमार पटेल ने सोनिक रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया।