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दारू में बहे दावे, होटलों और रेस्टोरेंट में खूब छलके जाम, हैरान कर देंगे ये आंकड़े
Tue, 01 Jan 2019 03:57 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 01 Jan 2019 03:57 PM IST
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कानपुर में आबकारी विभाग की ओर से शराब पार्टी के भले ही छह लाइसेंस जारी किए गए हों लेकिन शराब के जाम खूब छलके। घरों में शराब पार्टी के केवल छह लाइसेंस आबकारी विभाग से लिए गए। विभाग का दावा है कि फार्म हाउस, होटल, रेस्टोरेंट में शराब पार्टी के लिए पहली बार एक भी लाइसेंस नहीं लिए गए। हालांकि शहर के कई फार्म हाउस और रेस्टोरेंट में शराब पिलाई गई। एसीएम की ज्यादातर टीमें चेकिंग पर ही नहीं निकलीं।
जिला आबकारी अधिकारी राजेश मिश्रा ने बताया कि पिछले साल तक लोग फार्म हाउस, होटल, रेस्टोरेंट में शराब पार्टी का लाइसेंस लिया करते थे। 10 हजार रुपये में लाइसेंस बनता है। इसके बाद व्यावसायिक रूप से लोगों को शराब पिलाकर पैसे वसूलते थे, जबकि लाइसेंस शराब पार्टी के लिए होता है।
पार्टी आयोजक शराब के किसी से पैसे नहीं ले सकता। हालांकि ये लोग पैसा लेकर शराब पिलाते थे। इस कारण इस बार इन्हें लाइसेंस नहीं दिया गया। सिर्फ छह घरों में शराब पार्टी के लाइसेंस जारी हुए। घर में शराब पार्टी के लिए चार हजार रुपये में लाइसेंस बनता है। दो से ज्यादा लोग घर पर मिलकर शराब नहीं पी सकते हैं।
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जिला आबकारी अधिकारी राजेश मिश्रा ने बताया कि पिछले साल तक लोग फार्म हाउस, होटल, रेस्टोरेंट में शराब पार्टी का लाइसेंस लिया करते थे। 10 हजार रुपये में लाइसेंस बनता है। इसके बाद व्यावसायिक रूप से लोगों को शराब पिलाकर पैसे वसूलते थे, जबकि लाइसेंस शराब पार्टी के लिए होता है।
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पार्टी आयोजक शराब के किसी से पैसे नहीं ले सकता। हालांकि ये लोग पैसा लेकर शराब पिलाते थे। इस कारण इस बार इन्हें लाइसेंस नहीं दिया गया। सिर्फ छह घरों में शराब पार्टी के लाइसेंस जारी हुए। घर में शराब पार्टी के लिए चार हजार रुपये में लाइसेंस बनता है। दो से ज्यादा लोग घर पर मिलकर शराब नहीं पी सकते हैं।
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यह पार्टी की श्रेणी में आता है, इसका लाइसेंस लेना होता है। तमाम दावों के बीच बिठूर के कई फार्म हाउस, शहर के कुछ रेस्टोरेंट और अन्य जगहों पर बगैर लाइसेंस शराब पिलाई गई। रुपये वसूलने की खबरें भी आईं। बता दें एडीएम सिटी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने आठ टीमें बनाई थीं।
दावा किया था कि 31 दिसंबर को ये टीमें अपने क्षेत्रों में निकलेंगी। हालांकि ऐसा हुआ नहीं। सिटी मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश श्रीवास्तव से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आबकारी इंसपेक्टर फील्ड में निकले हैं। जरूरत पर देर रात मजिस्ट्रेट भी निकलेंगे।
दावा किया था कि 31 दिसंबर को ये टीमें अपने क्षेत्रों में निकलेंगी। हालांकि ऐसा हुआ नहीं। सिटी मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश श्रीवास्तव से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आबकारी इंसपेक्टर फील्ड में निकले हैं। जरूरत पर देर रात मजिस्ट्रेट भी निकलेंगे।