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जन्मदिन विशेषः आइये जानें शास्त्रीजी ने क्यों की थी 'हफ्ते में एक दिन व्रत' रखने की अपील
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 02 Oct 2017 01:46 PM IST
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लाल बहादुर शास्त्री जयंती विशेष
भारत को 'जय जवान जय किसान' का नारा देने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर की आज 114वीं जयंती है। बेहद गरीबी में पले-बढ़े शास्त्री जी ने यह दुनिया को जता दिया कि अगर इंसान के अंदर आत्मविश्वास हो तो वो कोई भी मंजिल पा सकता है। एक पथ-प्रदर्शक तो एक आदर्श व्यक्तित्व शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 में उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। वह गांधी जी के विचारों और जीवनशैली से बेहद प्रेरित थे।
लाल बहादुर शास्त्री जयंती विशेष
लाल बहादुर शास्त्री के प्रधानमंत्रित्व काल में देश में भीषण मंदी का दौर था। देश के कई हिस्सों में भयानक अकाल पड़ा था। उस समय शास्त्री जी ने देश के सभी लोगों को खाना मिल सके इसके लिए सभी देशवासियों से हफ्ते में 1 दिन व्रत रखने की अपील की थी।
लाल बहादुर शास्त्री जयंती विशेष
लालबहादुर शास्त्री की मौत को अरसा बीत चुका है। लेकिन आज तक पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की मौत की गुत्थी सुलझ नहीं पाई है। उनकी मौत को करीब पांच दशक गुजर जाने के बाद भी उनकी मृत्यु रहस्य ही बनी हुई है। शास्त्री जी के बेटे सुनील शास्त्री का मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहना था कि उनके पिता को जहर देकर मारा गया है। उन्होंने कहा था कि जब शास्त्रीजी की बॉडी को देखा तो उनकी चेस्ट, पेट और पीठ पर नीले निशान थे। जिसे देखकर साफ लग रहा था कि उन्हें जहर दिया गया है।
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लाल बहादुर शास्त्री जयंती विशेष
दरअसल 11 जनवरी 1966 को भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध खत्म होने के बाद शास्त्री जी पाक सैन्य शासक जनरल अयूब खान के साथ सोवियत संघ के ताशकंद शहर में शांति समझौता करने गए थे। इसी रात देश से बाहर शास्त्री जी को दिल का दौरा पड़ने की वजह से उनकी मौत हो गयी।
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लाल बहादुर शास्त्री जयंती विशेष
बताया जाता है सोवियत संघ के ताशकंद शहर में उस रात लालबहादुर शास्त्री जी को उनके पीओन ने नहीं बल्कि खाना किसी ओर ने बनाया था। उस रात शास्त्री जी ने आलू पालक और सब्जी खाई थी। उनके बेटे सुनील के अलावा बहुत से लोगों ने कहा कि निधन के बाद शास्त्री जी का शरीर नीला पड़ा गया था। जिससे कयास लगाए जाते हैं कि शास्त्री जी को रात के खाने में जहर दिया गया था।