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बिकरू कांड: विकास दुबे समेत चार बदमाशों के एनकाउंटर में पुलिस को क्लीन चिट
Wed, 20 Jan 2021 01:58 PM IST
शिखा पांडेय
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 20 Jan 2021 01:58 PM IST
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विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड के बाद तीन मुठभेड़ों में मारे गए चार बदमाशों के मामले में जिलाधिकारी के आदेश पर हुई मजिस्ट्रेटी और न्यायिक जांच में पुलिस को क्लीन चिट मिल गई है। जांच में एनकाउंटर को सही ठहराया गया है। इसके साथ ही एनकाउंटर पर उठने वाले सवालों पर विराम लग गया है। तीनों एनकाउंटर की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित न्यायिक आयोग को ये जांच रिपोर्ट भेजी गई है। आयोग ने इसे अपनी जांच में भी शामिल किया है।
विकास दुबे का एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर डीएसपी देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। तीन जुलाई की सुबह पुलिस जब बदमाशों की तलाश कर रही थी, तभी कांशीराम निवादा गांव में मुठभेड़ हो गई थी। इसमें विकास के दो साथी प्रेम कुमार पांडेय और अतुल दुबे मारे गए थे। इसकी मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम भू-अध्याप्ति को सौंपी गई थी।
विकास दुबे का एनकाउंटर
- फोटो : amar ujala
जांच में स्पष्ट हुआ कि पुलिसकर्मी बदमाशों की तलाश में आसपास के गांवों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, तभी कांशीराम निवादा गांव के बाहर बने मंदिर के पास मौजूद पुलिसकर्मियों पर प्रेम कुमार और अतुल ने फायरिंग शुरू कर दी थी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों ढेर हुए। इसमें आईजी मोहित अग्रवाल और तत्कालीन एसएसपी दिनेश कुमार पी बाल-बाल बचे थे। पूरे साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी गई है। इसमें पुलिसकर्मियों का कोई दोष नहीं पाया गया है।
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विकास दुबे का एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
गाड़ी पलटने के बाद पिस्टल लूटकर भागा था विकास, तब मारा गया
एसटीएफ और यूपी पुलिस उज्जैन से विकास दुबे को कार से कानपुर ला रही थी। 10 जुलाई 2020 की सुबह सचेंडी थानाक्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया था। चूंकि वो पुलिस कस्टडी में था, इसलिए इसकी न्यायिक जांच के आदेश हुए थे। जांच में पुलिस के एनकाउंटर पर मुहर लग गई है।
एसटीएफ और यूपी पुलिस उज्जैन से विकास दुबे को कार से कानपुर ला रही थी। 10 जुलाई 2020 की सुबह सचेंडी थानाक्षेत्र में मुठभेड़ में मारा गया था। चूंकि वो पुलिस कस्टडी में था, इसलिए इसकी न्यायिक जांच के आदेश हुए थे। जांच में पुलिस के एनकाउंटर पर मुहर लग गई है।
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विकास दुबे: कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया था कि सचेंडी क्षेत्र में मवेशियों के सामने आ जाने से गाड़ी (टीयूवी) पलट गई थी। इसी कार में विकास दुबे था। कार पलटते ही विकास इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी की पिस्टल लूटकर भाग निकला। पीछा करने पर वह पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने लगा। पुलिस व एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। जांच में पुलिस के ये दावे सही पाए गए हैं। इसलिए एनकाउंटर टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट दी गई।