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संजीत अपहरण व हत्याकांड: इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मियों को नोटिस, एसपी पूर्वी की जांच में पाए गए थे दोषी
Wed, 20 Jan 2021 12:41 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 20 Jan 2021 12:41 AM IST
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kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
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संजीत अपहरण हत्याकांड में प्रारंभिक जांच में दोषी पाए गए सभी आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कि प्रक्रिया शुरू हो गई है। डीआईजी ने इंस्पेक्टर समेत सभी पुलिसकर्मियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। बर्रा निवासी लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का बीते साल 22 जून को अपहरण हो गया था।
Kanpur Kidnapping Case
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23 जुलाई को पुलिस ने वारदात का खुलासा कर बताया था कि उसके दोस्तों ने संजीत को 27 जून को ही मारकर शव नाले में फेंक दिया था। इसके बाद फिरौती मांगी थी। वारदात के बाद तत्कालीन एसएसपी का तबादला हुआ था।
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तत्कालीन एसपी साउथ अपर्णा गुप्ता, सीओ मनोज कुमार गुप्ता के अलावा चकेरी इंस्पेक्टर रणजीत राय, दोनों दरोगा राजेश कुमार, योगेंद्र प्रताप के अलावा सिपाही विनोद कुमार, मनीष, शिव प्रताप, दिशु भारती और सौरभ पांडेय को निलंबित कर दिया गया था।
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एसपी बहाल हो चुकी हैं जबकि सीओ के खिलाफ मुख्यालय से जांच जारी है। इधर इंस्पेक्टर, दरोगा व सिपाहियों की प्रारंभिक जांच एसपी पूर्वी ने की और सभी को दोषी ठहराया। इसके बाद सभी को नोटिस भेजा गया। जवाब मिलने के बाद डीआईजी साक्ष्यों और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर इन पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई कर दंडित करेंगे।
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पुलिसकर्मियों के पास इसका जवाब नहीं
अपहरण के बाद 29 जून से लेकर 13 जुलाई तक बदमाशों का मोबाइल ऑन था। वे एक ही नंबर से बार-बार कॉल कर फिरौती मांग रहे थे। पुलिस ने उनकी कॉल ट्रेस नहीं की। इस लापरवाही में इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज, दरोगा व सिपाही शामिल हैं। वहीं 13 जुलाई को बदमाश जब फिरौती की रकम से भरा बैग लेकर पुलिस के सामने से फरार हो गए थे तो ये अफसरों की बड़ी नाकामी थी। इंस्पेक्टर व सीओ ने इसकी जानकारी पहले आलाधिकारियों को नहीं दी थी। इसलिए ये सभी दोषी बनाए गए हैं। इनका बचना मुश्किल है।
अपहरण के बाद 29 जून से लेकर 13 जुलाई तक बदमाशों का मोबाइल ऑन था। वे एक ही नंबर से बार-बार कॉल कर फिरौती मांग रहे थे। पुलिस ने उनकी कॉल ट्रेस नहीं की। इस लापरवाही में इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज, दरोगा व सिपाही शामिल हैं। वहीं 13 जुलाई को बदमाश जब फिरौती की रकम से भरा बैग लेकर पुलिस के सामने से फरार हो गए थे तो ये अफसरों की बड़ी नाकामी थी। इंस्पेक्टर व सीओ ने इसकी जानकारी पहले आलाधिकारियों को नहीं दी थी। इसलिए ये सभी दोषी बनाए गए हैं। इनका बचना मुश्किल है।
एसपी पूर्वी ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। सभी दोषी पुलिसकर्मियों को नोटिस भेजा गया है। उनके जवाब देने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी