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Kanpur Kidnapping Case: क्या है अजय देवगन की फिल्म दृश्यम और संजीत अपहरण कांड का कनेक्शन, जानकर चौंक जाएंगे
Mon, 27 Jul 2020 11:27 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 27 Jul 2020 11:27 AM IST
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
संजीत अपहरण हत्याकांड मामले में सवालों के घेरे में आई पुलिस पर एक और आरोप लगा है। परिजनों के मुताबिक पुलिस ने अपने खुलासे को पक्का करने के लिए गवाहों की टोली खड़ी कर उनका माइंड वॉश किया। वे सिखाए गए बयान के अलावा कुछ और बोलने को तैयार नहीं हैं। इन आरोपों की पुष्टि के लिए कुछ गवाहों से बातचीत की गई। इनकी बयानबाजी सुनने के बाद 2015 में रिलीज अजय देवगन की सस्पेंस थ्रिलर फिल्म दृश्यम याद आ जाती है। इनके बयान और सच्चाई में कोई तालमेल नहीं है।
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
महिला की बयानबाजी हकीकत से बेमेल
अपहर्ताओं ने रतनलाल नगर स्थित जिस मकान को 1500 रुपये किराये पर लिया था, उसके पड़ोस में मल्होत्रा परिवार रहता है। रविवार को मीडिया कर्मी जब मौके पर पहुंचे तो पड़ोसी महिला को अंदर बाहर करते देखकर पूछताछ की गई। अमूमन ऐसे मामलों में आस पड़ोस के लोग मुंह छिपाते हैं।
अपहर्ताओं ने रतनलाल नगर स्थित जिस मकान को 1500 रुपये किराये पर लिया था, उसके पड़ोस में मल्होत्रा परिवार रहता है। रविवार को मीडिया कर्मी जब मौके पर पहुंचे तो पड़ोसी महिला को अंदर बाहर करते देखकर पूछताछ की गई। अमूमन ऐसे मामलों में आस पड़ोस के लोग मुंह छिपाते हैं।
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
महिला के मुताबिक करीब एक महीने पहले कुछ युवक पड़ोस में रहने आए थे। इनके पास गृहस्थी का सामान नहीं था। युवक फोर्ड कार से देर रात को घर लौटते थे। कार के आगे नंबर प्लेट पर रक्षा मंत्रालय लिखा होने से युवकों के नौकरी पेशा से जुड़े होने की संभावना पर नजर रखना बंद कर दिया।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि अक्सर रात में घर से किसी के कराहने की आवाजें आती थीं। कई बार तो किसी महिला से बातचीत की भनक लगी थी। महिला की बयानबाजी से साफ हो रहा था कि उसे यह सब बोलने के लिए सिखाया गया है। इसके बावजूद सच्चाई जानने के लिए थाने में खड़ी कार की जांच पड़ताल की तो पाया कि कार के पीछे वाली नंबर प्लेट पर रक्षा मंत्रालय लिखा है।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
संजीत के पिता ने उठाया सवाल
संजीत के पिता ने पुष्टि की थी कि पुलिस ने जिस कार से संजीत का अपहरण करने की बात कही थी, वह चलने की हालत में ही नहीं थी। पुलिस अपहरण के आरोपी ज्ञानेंद्र के घर से कार को क्रेन की मदद से पहले रतनलाल नगर चौकी लेकर पहुंची। कार स्टार्ट न होने पर दोबारा क्रेन की मदद से उसे बर्रा चौकी पर पहुंचा दिया गया। ऐसे में महिला की ओर से कार के संबंध में दी गई जानकारी हजम नहीं हुई।
संजीत के पिता ने पुष्टि की थी कि पुलिस ने जिस कार से संजीत का अपहरण करने की बात कही थी, वह चलने की हालत में ही नहीं थी। पुलिस अपहरण के आरोपी ज्ञानेंद्र के घर से कार को क्रेन की मदद से पहले रतनलाल नगर चौकी लेकर पहुंची। कार स्टार्ट न होने पर दोबारा क्रेन की मदद से उसे बर्रा चौकी पर पहुंचा दिया गया। ऐसे में महिला की ओर से कार के संबंध में दी गई जानकारी हजम नहीं हुई।