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विकास के गुर्गों को ढूंढ-ढूंढ कर गोली मारने वाली कानपुर पुलिस 85 घंटे बाद भी नहीं खोज पाई संजीत का शव
Mon, 27 Jul 2020 09:51 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 27 Jul 2020 09:51 AM IST
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
बिकरू कांड के बाद विकास के गुर्गो को ढूंढ ढूंढ कर मारने वाली कानपुर पुलिस अब संजीत अपहरण हत्याकांड के खुलासे में हो रही किरकिरी से बचने के लिए पुलिस उसका शव बरामद करने के लिए पांडु नदी में तीन दिनों से सर्च ऑपरेशन चला रही है। करीब 85 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। स्टीमरों की मदद से पीएसी और 35 गोताखोरों की टीमें पांडु नदी में संजीत के शव की तलाश में जुटी हैं।
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
रविवार को बिधनू से महाराजपुर थाना क्षेत्र तक एक दर्जन जगहों पर जाल डाले गए। इसके बाद भी शव का पता नहीं लग सका है। गोविंदनगर सीओ विकास पांडेय ने बताया कि चार स्टीमरों की मदद से तीन प्लाटून पीएसी नदी का चप्पा चप्पा खंगाल रही है। नदी में अब तक कूड़े के अलावा जानवरों के शव ही फंसे मिले हैं। कई जानवरों के शव प्लास्टिक की बोरियों में मिले हैं।
kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
कैसे मिल पाएगा बेटे का शव
संजीत अपहरण हत्याकांड के खुलासे के बाद पांडु नदी में शव की तलाश शुरू कराई गई। संजीत के पिता चमन सिंह ने बताया कि पुलिस ने जब आरोपियों से मिलवाया था, तब कुलदीप, नीलू व ईशु ने शव के संबंध में अलग-अलग जानकारी दी थी। किसी ने शव को मेहरबान सिंह पुरवा के पास वाले पुल से तो किसी ने फतेहपुर में लोहे के पुल से फेंकने की बात कही था। ऐसे में बेटे का शव कैसे से मिल पाएगा।
संजीत अपहरण हत्याकांड के खुलासे के बाद पांडु नदी में शव की तलाश शुरू कराई गई। संजीत के पिता चमन सिंह ने बताया कि पुलिस ने जब आरोपियों से मिलवाया था, तब कुलदीप, नीलू व ईशु ने शव के संबंध में अलग-अलग जानकारी दी थी। किसी ने शव को मेहरबान सिंह पुरवा के पास वाले पुल से तो किसी ने फतेहपुर में लोहे के पुल से फेंकने की बात कही था। ऐसे में बेटे का शव कैसे से मिल पाएगा।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी। इसके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी। बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
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शव की तलाश में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था। उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा था। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे में लाया गया था। इसके बाद उसे बंधक बना लिया था। चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाकर रखा था। इसके बाद 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी थी।