फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

विकास दुबे को भाजपा में एंट्री दिलाने के लिए इन नेताओं ने की थी पैरवी, राष्ट्रीय स्तर का एक नेता बना रोड़ा

Sat, 11 Jul 2020 08:49 AM IST
शाहरुख खान सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 11 Jul 2020 08:49 AM IST
विज्ञापन
kanpur encounter These leaders had advocated for getting Vikas Dubey an entry in BJP
vikas dubey news - फोटो : amar ujala
दहशतगर्द विकास दुबे के खात्मे के साथ ही तमाम राज भी दफन हो गए। वह जिंदा रहता तो प्रदेश और देश के कई बड़े नेता (अलग-अलग पार्टियों के), अफसर, कारोबारी और नामचीन हस्तियां बेनकाब होतीं। अपराधियों से इनके गठजोड़ की गांठें भी खुलतीं। इन्हीं लोगों की सरपरस्ती में विकास दुबे खूंखार अपराधी बना। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट समेत सौ से अधिक केस उस पर हुए। जेल जाता रहा, बेल मिलती रही।


 
kanpur encounter These leaders had advocated for getting Vikas Dubey an entry in BJP
गिरफ्तार किया गया विकास दुबे - फोटो : ani
वर्ष-1990 में अपराध जगत में उतरने के साथ ही उसे सियासी सरपरस्ती मिलने लगी थी। डेढ़ दशक तक वो ग्राम प्रधान रहा। आज भी प्रधानी उसके घर में ही है। उसने अपनी सियासी पारी की शुरुआत बसपा से की। करीब 15 साल तक बसपा से जुड़ा रहा। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य भी रहा। बसपा सुप्रीमो से लेकर पार्टी के कई बड़े नेताओं से उसका सीधा संपर्क रहा। इसके बाद सपा और भाजपा नेताओं के संपर्क में आ गया। भाजपा के दो विधायक उसके बेहद करीबी हैं। 
 
kanpur encounter These leaders had advocated for getting Vikas Dubey an entry in BJP
Vikas Dubey arrested in ujjain - फोटो : सोशल मीडिया
...तो बहुत बेनकाब हो जाते
एनकाउंटर में शामिल पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विकास की पहुंच तगड़ी थी। क्या नेता, क्या कारोबारी और क्या अधिकारी, सभी उसकी पैरवी में लगे थे। अगर वो जिंदा रहता और बोलता, तो न जाने कितने लोग बेनकाब हो जाते। पुलिस अधिकारी के इस बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूछताछ में विकास ने कई बड़े राज खोले थे। हालांकि, वे अभी सामने नहीं आ सके। तीन साल पहले भी जब वह पकड़ा गया था, तब एसटीएफ की पूछताछ में कई को बेनकाब किया था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
kanpur encounter These leaders had advocated for getting Vikas Dubey an entry in BJP
कुख्यात अपराधी विकास दुबे गिरफ्तार - फोटो : ANI
ढाल बने रहे हर दल के नेता
90 के दशक में अपराध जगत में सक्रिय होने के साथ ही विकास को सबसे पहले कांग्रेस, फिर भाजपा और फिर बसपा से जुड़े एक नेता (भाजपा सरकार में विधानसभा अध्यक्ष भी रहे) की सियासी सरपरस्ती मिली। इसके बाद भाजपा से सांसद रहे एक व्यापारी नेता, कल्याण सिंह सरकार में मंत्री रहीं एक नेत्री, कांग्रेस से विधायक रहे शहर के एक नेता विकास की ढाल बने रहे। सभी का मकसद सिर्फ विकास के प्रभाव वाले क्षेत्र में ब्राह्मण वोट बैंक को अपने पाले में करना रहा।
 
विज्ञापन
kanpur encounter These leaders had advocated for getting Vikas Dubey an entry in BJP
vikas dubey - फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश तक रहा कनेक्शन
वर्ष-2017 में सूबे में भाजपा की सरकार बनी तो पार्टी के कई विधायकों और मंत्रियों से उसने नजदीकी बना ली। इस फेहरिस्त में पार्टी के नेता भी शामिल हैं। इस दौरान भाजपा में एंट्री दिलाने के लिए इन नेताओं ने विकास की पैरवी भी की। लेकिन, 2001 में राज्यमंत्री रहे संतोष शुक्ला हत्याकांड के चलते राष्ट्रीय स्तर के एक नेता विकास की राह में रोड़ा बने रहे। बिकरू कांड के बाद उज्जैन में गिरफ्तारी के पीछे भी मध्यप्रदेश के एक कद्दावर नेता की भूमिका चर्चा में रही।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed