कानपुर के बिकरु गांव में गुरुवार रात करीब एक बजे हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। इसमें सीओ बिल्हौर समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए। बदमाश विकास दुबे फरार है। पुलिस ने मुठभेड़ में उसके मामा प्रेमप्रकाश और एक रिश्तेदार अतुल को ढेर कर दिया है। मुठभेड़ के 40 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट: एनकाउंटर के बाद गांव-गली वीरान, सैकड़ों परिवार कर गए पलायन, लोगों में दहशत का माहौल
एनकाउंटर के बाद बिकरू गांव वीरान हो गया है। अधिकतर मकानों में ताले पड़े हैं। गलियों में सन्नाटा पसरा है और सैकड़ों परिवार पलायन कर गए हैं। कुछ इसमें गुनहगार हैं तो कुछ पुलिस के डर से भागे हैं। एक-आध घरों में जो लोग हैं वो डरे हुए हैं। बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं ही हैं इन घरों में हैं।
वारदात के बाद पुलिस ने गांव को छावनी बना दिया है। पुलिस, पीएसी और आरआरएफ के जवान तैनात हैं। गांव को चारों तरफ से घेर रखा है। गलियों में भी जवान तैनात हैं। विकास के घर के आसपास के सौ से अधिक मकानों में ताला पड़ा है। घटना के बाद से ये परिवार पलायन कर गए हैं। उसके रिश्तेदारों के घर तो खुले पड़े हैं। यहां से महिलाएं और बच्चे भी चले गए हैं। अधिकतर लोग पुलिस के डर से भागे हैं। इनमें से कई नामजद आरोपी भी हैं। बचने को वो सभी भागे हैं। वहीं कई ऐसे लोग भी थे जो शामिल नहीं थे लेकिन फिर भी वह फरार हो गए हैं। अब वो भी शक के दायरे में आ गए हैं।
घर खुला छोड़ भागे बदमाश
विकास के घर के आसपास उसके रिश्तेदारों के ही मकान हैं। इन मकानों से भी उस रात गोलियां चली थीं। पुलिस की कार्रवाई के बाद ये सभी फरार हो गए हैं। पुलिस डर से कई लोगों ने मकान में ताला तक नहीं लगाया। सभी मकान खुले हैं। पुलिस ने इन मकानों की तलाशी भी की।
छतों से भी पहरा
पुलिस और पीएसी के जवान गांवों के कई घरों की छतों पर तैनात हैं। वह ऊपर से निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा गांव को आने वाली सड़कों पर सौ-सौ मीटर की दूरी पर फोर्स लगाया गया है। वहां से गुजरने वालों की चेकिंग हो रही है। वहीं टीमें खेतखलियानों में भी कांबिंग कर रही है।
अधिकरतर लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। मगर जब विकास का मकान ढहाया जा रहा था तो एक दो महिलाएं अपने-अपने घरों से ताक रही थीं। उनसे बातचीत की गई तो वो बोलीं बुरे काम बुरा नतीजा होता है। अब गुरूर टूट रहा है। हालांकि वो इसके आगे कुछ नहीं बोलीं और घर के भीतर चली गईं।