{"_id":"69e5d3a35fb0195ad3083fdc","slug":"kanpur-double-murder-father-murder-both-his-daughters-2026-04-20","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"UP: मम्मा... मेरे सारे खिलौने दीदी को दे दो लेकिन दीदी को ले आओ, छह साल के रुद्रव की आंखें दीदी को खोजती रहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: मम्मा... मेरे सारे खिलौने दीदी को दे दो लेकिन दीदी को ले आओ, छह साल के रुद्रव की आंखें दीदी को खोजती रहीं
Mon, 20 Apr 2026 12:56 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 20 Apr 2026 12:56 PM IST
सार
Kanpur News: बहनों की मौत से अनजान छह साल के रुद्रव की आंखें कभी दीदी तो पापा को खोजती रहीं।
विज्ञापन
Kanpur Double Murder
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर जी-फोर में रविवार शाम भी सब कुछ वैसा ही रहा जैसा शनिवार शाम था। दरवाजे, दीवारें, खिड़कियां… बस नहीं थीं तो रिद्धि और सिद्धि। उनके साथ शाम को खेलने वाला उनका छोटा भाई रुद्रव रविवार को बार-बार अपनी लाडली बहनों और पापा को ढूंढता रहा। मां रेशमा ने बहलाने के लिए कहा कि तुम खिलौने नहीं देते थे तो गुस्सा होकर दोनों दीदी चली गईं। इस पर वह बिलख पड़ा बोला... मम्मा मेरे सारे खिलौने ले लो लेकिन दीदी को ले आओ प्लीज।
इसी सोसायटी में की गई जुड़वां बहनों की हत्या
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने बताया कि सुबह पुलिस कर्मियों ने जब उनका कमरा खटखटाकर हत्या की जानकारी दी थी उस समय बेटा उनके पास ही सो रहा था। करीब नौ बजे सोकर जगा। लोगों की भीड़ देखकर पूछ रहा कि पुलिस अंकल क्यों आए हैं। उन्होंने पहले तो अनसुना किया लेकिन बाद में सच्चाई बताई कि उसकी दोनों बहनें उससे दूर चली गई हैं। पापा के बारे में पूछने पर बताया कि ऑफिस गए हैं।
बिलखती मां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैमरों से लैस घर में भी नहीं बच पाई मासूम जिंदगियां
दवा कंपनी के सेल्स मैनेजर शशिरंजन ने परिवार की सुरक्षा के लिए हजारों रुपये खर्च कर चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे हैं। ये कैमरे भी उसकी बच्चियों की सुरक्षा नहीं कर सके। करीब टू बीएचके फ्लैट में अंदर से बाहर तक छह कैमरे लगे हैं। शशिरंजन ने बाहरियों से परिवार की सुरक्षा के लिए फ्लैट के बाहर दो कैमरे लगा रखे थे। ड्राइंग रूम, किचेन और बेडरूम और लॉबी में कैमरे लगवाए थे। पूरे फ्लैट में सिर्फ पत्नी वाले कमरे और बाथरूम में कैमरे नहीं थे।
दवा कंपनी के सेल्स मैनेजर शशिरंजन ने परिवार की सुरक्षा के लिए हजारों रुपये खर्च कर चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे हैं। ये कैमरे भी उसकी बच्चियों की सुरक्षा नहीं कर सके। करीब टू बीएचके फ्लैट में अंदर से बाहर तक छह कैमरे लगे हैं। शशिरंजन ने बाहरियों से परिवार की सुरक्षा के लिए फ्लैट के बाहर दो कैमरे लगा रखे थे। ड्राइंग रूम, किचेन और बेडरूम और लॉबी में कैमरे लगवाए थे। पूरे फ्लैट में सिर्फ पत्नी वाले कमरे और बाथरूम में कैमरे नहीं थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरोपी पिता और रिद्धी और सिद्धी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिस कमरे में दोनों बेटियों की हत्या की गई उसमें भी कैमरा लगा हुआ था। पत्नी रेशमा ने कहा कि सास गीता मिश्रा की मौत पिछले साल हुई है। उसके बाद पति का चिड़चिड़ापन और बढ़ गया। हालांकि इस बात का अंदेशा नहीं था कि वह इतना बढ़ा कदम उठा लेंगे। वरना वह बेटियों को अपने पास ही सुलातीं।
विज्ञापन
बिलखती मां से जानकारी लेते पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बच्चे किस पर करें भरोसा
अपार्टमेंट के बाहर सुबह भीड़ लगी तो कई लोग मामला जानने के लिए रुक गए। इसमें कई ऐसे भी रहे जिनके साथ बच्चे भी थे। ऐसे में जिसने भी क्रूर पिता के हाथों बेटियों की जान लेने की बात सुनी उसने पिता को जीभर कर कोसा।
अपार्टमेंट के बाहर सुबह भीड़ लगी तो कई लोग मामला जानने के लिए रुक गए। इसमें कई ऐसे भी रहे जिनके साथ बच्चे भी थे। ऐसे में जिसने भी क्रूर पिता के हाथों बेटियों की जान लेने की बात सुनी उसने पिता को जीभर कर कोसा।