कानपुर के कल्याणपुर में हुए दर्दनाक हादसे में भाई-बहन की मौत हो गई। बुधवार दोपहर करीब एक बजे पोस्टमार्टम के बाद भाई-बहन के शव मसवानपुर स्थित घर पहुंचते ही परिजन में कोहराम मच गया।
पिता मो. शकील और मां खुशनुमा बेसुध हो गई। कशिश बहन के शव से लिपटकर रोने लगी। वह चिलता-चिल्ला कर रोते हुए कह रही थी कि अब अप्पी किसे कहेंगे... उसका रोना देखकर पास खड़ी महिलाओं की आंखें भी नम हो गई।
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हादसे के बाद घायलों को अस्पताल ले जाते एंबुलेंस कर्मी और पुलिस
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हर कोई परिवार को ढाढ़स बंधाता दिखाई दिया। मां बस एक ही रट लगाए थी... मेरा घर बर्बाद हो गया। बेटा चला गया... बेटी चली गई... अब किसके सहारे जिंदगी जिएंगे। बेटी की तमन्ना थी कि वह चिकित्सा के क्षेत्र में भविष्य बना परिवार का नाम रोशन करें। उसकी तमन्ना भी अधूरी रह गई।
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हादसे के बाद आसपास के लोगों से पूछताछ करती पुलिस
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राजस्थान से परीक्षा देकर सुबह लौटी थी
मो. शकील ने बताया कि वह दो दिन पहले बेटी को लेकर राजस्थान के फतेहपुर गए थे। यहां उसका नर्सिंग का पेपर था। बेटी उनके साथ ही मंगलवार देर रात करीब दो बजे घर लौटकर आई थी। पिता के मुताबिक उन्हें साढ़े सात बजे घटना की जानकारी हुई।
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हादसे के बाद तड़पते भाई-बहन, वीडियो बनाते लोग
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सिर में गंभीर चोट लगने से हुई मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट आने और खून बहने से मौत की पुष्टि हुई है। हादसे का पता चलते ही मां खुशनुमा बानो, बहन कशिश, एलिस, मंतशा बेसुध हो गई। घरवाले रो-रोकर बेहाल हैं।
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हादसे के बाद पूछताछ करती पुलिस
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लोगों की संवेदनशीलता पर सवाल, नहीं की मदद
कल्याणपुर में जिस जगह हादसा हुआ है, वहां से पनकी रोड पुलिस चौकी मजर 800 मीटर दूर है, जबकि एक किलोमीटर के आसपास कल्याणपुर थाना पड़ता है। वहीं, करीब सवा दो किलोमीटर की दूरी पर कल्याणपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है।