कानपुर के बिठूर में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाला कार चालक विशाल तीन बहनों ईशू, आरती और निप्पी में इकलौता था। पिछले साल 7 मार्च 2024 को उसकी शादी कल्याणपुर निवासी तान्या दुबे से हुई थी। पड़ोसी महिला ने बताया कि पिछले माह ही विशाल ने धूमधाम से शादी की पहली सालगिरह मनाई थी।
इसमें आसपास के लोगों को भी निमंत्रण दिया था। घटना के बाद जब विशाल का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। पति के शव से लिपटी तान्या पहले बेसुध हो गई। फिर होश में आकर बोली कि दस दिन पहले उसका मंगलसूत्र टूट गया था। दो दिन से अजीब-अजीब से सपने भी आ रहे थे। हालांकि विशाल ने वहम होने की बात कहकर टाल दिया लेकिन क्या पता था कि उसका सुहाग ही मिट जाएगा।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
'हादसे में विशाल भईया नहीं रहे'
वहीं, बेटे का शव देखकर मां ने रोते हुए बताया कि विशाल का जाने का मन नहीं था। हालांकि टीचरों के परेशान होने की बात कहते हुए कार निकाल ली थी। वहीं, मोहल्ले की रहने वाली एक युवती विशाल और तान्या की फोटो दिखाते हुए भावुक हो गई। बोली, सब लोग साथ में ही बरगद पूजा में गए थे। तभी से फोटो मोबाइल में पड़ी है। विश्वास ही नहीं हो रहा कि आज हादसे में विशाल भईया नहीं रहे।
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पहले परचून की दुकान चलाता था
टैक्सी में चलाने के लिए कार खरीदने से पहले विशाल घर में ही स्थित परचून की दुकान पर बैठता था। परिजनों ने बताया कि छह महीने पहले ही विशाल ने सकेंड हैंड कॉमर्शियल कार खरीदी थी, जिसे ओला से अटैच करने के बाद खुद ही चलाता था। उसी कार से वह प्रतिदिन शिक्षिकाओं को छोड़ने उन्नाव भी जाता था।
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फैक्टरी कर्मियों को ले जा रही थी बस चालक
एसीपी अभिषेक पांडेय के अनुसार हादसे के वक्त बस में करीब एक दर्जन फैक्टरी कर्मी मौजूद थे। बस चालक उन्हें छोड़ने फैक्टरी जा रहा था। अचानक हुए हादसे के बाद लोगों में चीख पुकार मच गई थी। फैक्टरी कर्मियों के अनुसार बस चालक कार को सामने आता देख बस में ब्रेक मारने का प्रयास भी किया था। लेकिन दोनों वाहनों की गति तेज होने के चलते हादसा हो गया।
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ढाई साल के मासूम को मां के लौटने का इंतजार
कानपुर हादसे की खबर से अनजान ढाई साल का मासूम बेटा मां आकांक्षा का इंतजार कर रहा है। हादसे के बाद घर में रोना-पिटना मचा है लेकिन उस मासूम को शायद इंतजार है कि अभी मां आ रही होंगी। कल्याणपुर मिर्जापुर निवासी आकांक्षा मिश्रा (37) के पड़ोसी शिव प्रकाश तिवारी ने बताया कि सोमवार को घर आने के बाद मंगलवार को स्कूल खुला था। सुबह ढाई साल के बेटे को घर छोड़कर स्कूल गई थी। मासूम को यह नहीं पता था कि अब शायद उसे मां का प्यार नसीब नहीं होगा। मासूम बेटा सबका प्यारा है। मोहल्ले में हर कोई उसके साथ खेलता है। हादसे के बाद हर कोई बेटे को लेकर दुलार कर रहा है लेकिन वह मम्मी को बुला रहा है उसका किसी के पास जवाब नहीं है। उसके सवाल के सामने हर कोई वेबस दिख रहा है।