कन्नौज जिला कारागार में पुलिसकर्मी और अफसर नए साल का जश्न मनाने में मशगूल रहे। इसी बीच दो विचाराधीन बंदी कंबलों की रस्सी बनाकर 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग गए। जेल प्रशासन को तब जानकारी हुई, जब बैरकों में गिनती कराई गई। दो बंदियों के भागने से जेल में खलबली मच गई। शासन ने डिप्टी जेलर समेत चार को निलंबित कर डीआईजी जेल को जांच सौंपी है। साथ ही डीएम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
अनौगी स्थित जिला कारागार में रविवार की रात नए साल पर पार्टी का आयोजन किया गया था। पुलिसकर्मियों समेत सभी अफसर जश्न मनाने में मशगूल थे। उसी समय विचाराधीन बंदी तालग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम हजिरापुर निवासी अंकित व ठठिया थाना क्षेत्र के ग्राम मलगवां निवासी शिवा उर्फ डिंपी कंबलों की रस्सी बनाकर 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग गए।
2 of 14
जिला कारागार का निरीक्षण करते डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री व एसपी विनोद कुमार
- फोटो : amar ujala
अंकित धान की ट्रॉली चोरी करने के आरोप में जेल में बंद था, जबकि डिंपी नाबालिग के अपहरण के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत निरुद्ध था। पुलिस के मुताबिक बंदियों ने महिला बैरक के पास कंबलों की रस्सी में सरिया का एक टुकड़ बांधा और उसे दीवार के ऊपर बने पिलर से निकली सरिया में फेंक कर फंसा दिया। इसके बाद दोनों दीवार पर चढ़ गए और दूसरी तरफ खेतों में कूद कर भाग गए। वॅाच टॉवरों पर भी निगरानी नहीं हो रही थी, जिससे बंदियों को भागने में आसानी रही।
3 of 14
जिला कारागार में कंबलों की रस्सी देखते गुरसहायगंज कोतवाल अजय अवस्थी
- फोटो : amar ujala
सोमवार सुबह 10 बजे जब जेल की बैरकों में बंदियों और कैदियों की गिनती हुई, तब दो बंदी कम होने की जानकारी हुई। इस घटना से जेल प्रशासन में खलबली मच गई। आनन-फानन कारागार पुलिसकर्मी बस स्टेशन व रेलवे स्टेशन पर दोनों बंदियों को खोजने लगे। जानकारी मिलने पर डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, एसपी विनोद कुमार जेल पहुंचे और कारागार अधीक्षक भीमसेन मुकुंद से पूछताछ की।
4 of 14
फरार बंदी अंकित और शिवा उर्फ डिंपी
- फोटो : amar ujala
डीएम की संस्तुति पर शासन ने बैरक प्रभारी शिवेंद्र सिंह यादव, हेड जेल वार्डर शिवचरण, डिप्टी जेलर बद्री प्रसाद और जेलर विनय प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया और मामले की जांच कानपुर के डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता को सौंपी गई है। देर शाम डीआईजी जेल ने कारागार का निरीक्षण किया। पूरे मामले में जेल अधीक्षक की लापरवाही सामने आई है। डीआईजी ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
5 of 14
जेल की चहारदीवारी के किनारे खाली वॉच टॉवर
- फोटो : amar ujala
वॉच टावरों से नहीं हो रही थी निगरानी, योजनाबद्ध तरीके से भागे बंदी
कन्नौज जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर स्थित कारागार में बंदियों की निगरानी भगवान भरोसे है। जेल के चारों कोनों पर वॉच टॉवर तो बनाए गए हैं, पर उनमें कोई नहीं जाता है। यही वजह है कि 22 फीट ऊंची दीवार पर कंबलों से बनी रस्सी के सहारे दो विचाराधीन बंदी भाग और जेल प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। योजनाबद्ध तरीके से बंदी भागे हैं, इसकी कहानी वह रस्सी बता रही है जो कंबलों और बिछाने वाली चादरों समेत पौधों की टहनियों को लपेटकर बनाई गई थी।