फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Kannauj Case: पहलवानी के रास्ते छात्र राजनीति से सियासत में एंट्री, अखिलेश से नजदीकी से बढ़ता गया सियासी रुतबा

Wed, 14 Aug 2024 10:40 AM IST
शाहरुख खान तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 14 Aug 2024 10:40 AM IST
विज्ञापन
Kannauj Case nawab singh yadav Entry politics from student politics through wrestling closeness to Akhilesh
Kannauj Case - फोटो : अमर उजाला
इत्र के लिए मशहूर कन्नौज में गंगा किनारे एक छोटा सा गांव है अड़ंगापुर। इसी गांव की गलियों से निकला नवाब सिंह यादव पहले अखाड़े में पहलवानी करता था। दंगल में आजमाए गए दांव-पेंच के हुनर से जल्द ही वह छात्र राजनीति का चर्चित चेहरा बना। इसके बाद सियासत में कदम रखते हुए अपने गंवई अंदाज से लोगों के दिलों में उतरता गया। 


 
Kannauj Case nawab singh yadav Entry politics from student politics through wrestling closeness to Akhilesh
अखिलेश यादव के साथ नवाब सिंह - फोटो : ट्विटर
अपने जनाधार की वजह कर वह सपा मुखिया अखिलेश यादव के करीब पहुंचा। अपने जनाधार की बदौलत ही वह यहां सपा का खास चेहरा बना। फिर जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तो उसे यहां का मिनी मुख्यमंत्री कहा जाने लगा। उस दौरान उसका रसूख देखते ही बनता था।
Kannauj Case nawab singh yadav Entry politics from student politics through wrestling closeness to Akhilesh
अखिलेश यादव और डिंपल के साथ नवाब सिंह - फोटो : अमर उजाला
अब एक किशोरी संग हुई दरिंदगी की शिकायत ने उसकी पूरी प्रतिष्ठा को मिट्टी में मिला दिया है। नवाब सिंह यादव को सियासत शुरू से ही भाई। पहलवानी का शौक रखने वाला यह चेहरा कब सियासत के दंगल में उतर गया, किसी को पता ही नहीं चला।
विज्ञापन
विज्ञापन
Kannauj Case nawab singh yadav Entry politics from student politics through wrestling closeness to Akhilesh
Nawab Singh Yadav - फोटो : अमर उजाला
फिर जब उसका सियासी रसूख और कद बढ़ा तो उसकी शोहरत कन्नौज जिले की सीमा को लांघ चुकी थी। अपने नाम से वह प्रदेश के कमोबेश सभी इलाकों में पहचाना जाने लगा। 1996 में शहर के प्रतिष्ठित पीएसएम पीजी कॉलेज से छात्र संघ का अध्यक्ष बनने के बाद उसने सियासत की राहों पर कदम बढ़ाने शुरू कर दिए।
विज्ञापन
Kannauj Case nawab singh yadav Entry politics from student politics through wrestling closeness to Akhilesh
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : वीडियो ग्रैब
वर्ष 1999 में जब यहां से पहली बार मुलायम सिंह यादव लोकसभा का चुनाव लड़े तो वह युवा कार्यकर्ता की हैसियत से साथ रहा। ठीक एक साल बाद यहां हुए उपचुनाव में जब अखिलेश यादव पहली बार यहां से मैदान में उतरे तो वह साइकिल पर सवार होकर समर्थन जुटाता रहा।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed