इत्र के लिए मशहूर कन्नौज में गंगा किनारे एक छोटा सा गांव है अड़ंगापुर। इसी गांव की गलियों से निकला नवाब सिंह यादव पहले अखाड़े में पहलवानी करता था। दंगल में आजमाए गए दांव-पेंच के हुनर से जल्द ही वह छात्र राजनीति का चर्चित चेहरा बना। इसके बाद सियासत में कदम रखते हुए अपने गंवई अंदाज से लोगों के दिलों में उतरता गया।
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अखिलेश यादव के साथ नवाब सिंह
- फोटो : ट्विटर
अपने जनाधार की वजह कर वह सपा मुखिया अखिलेश यादव के करीब पहुंचा। अपने जनाधार की बदौलत ही वह यहां सपा का खास चेहरा बना। फिर जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तो उसे यहां का मिनी मुख्यमंत्री कहा जाने लगा। उस दौरान उसका रसूख देखते ही बनता था।
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अखिलेश यादव और डिंपल के साथ नवाब सिंह
- फोटो : अमर उजाला
अब एक किशोरी संग हुई दरिंदगी की शिकायत ने उसकी पूरी प्रतिष्ठा को मिट्टी में मिला दिया है। नवाब सिंह यादव को सियासत शुरू से ही भाई। पहलवानी का शौक रखने वाला यह चेहरा कब सियासत के दंगल में उतर गया, किसी को पता ही नहीं चला।
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Nawab Singh Yadav
- फोटो : अमर उजाला
फिर जब उसका सियासी रसूख और कद बढ़ा तो उसकी शोहरत कन्नौज जिले की सीमा को लांघ चुकी थी। अपने नाम से वह प्रदेश के कमोबेश सभी इलाकों में पहचाना जाने लगा। 1996 में शहर के प्रतिष्ठित पीएसएम पीजी कॉलेज से छात्र संघ का अध्यक्ष बनने के बाद उसने सियासत की राहों पर कदम बढ़ाने शुरू कर दिए।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
वर्ष 1999 में जब यहां से पहली बार मुलायम सिंह यादव लोकसभा का चुनाव लड़े तो वह युवा कार्यकर्ता की हैसियत से साथ रहा। ठीक एक साल बाद यहां हुए उपचुनाव में जब अखिलेश यादव पहली बार यहां से मैदान में उतरे तो वह साइकिल पर सवार होकर समर्थन जुटाता रहा।