{"_id":"5e1aa5b68ebc3e87a3595e05","slug":"injured-said-about-kannauj-road-accident","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कन्नौज बस हादसा: पूरी जिंदगी नहीं भूल पाएंगे मौत का मंजर, लगा अब शायद ही बचेंगे, लेकिन फरिश्ते बन...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कन्नौज बस हादसा: पूरी जिंदगी नहीं भूल पाएंगे मौत का मंजर, लगा अब शायद ही बचेंगे, लेकिन फरिश्ते बन...
Sun, 12 Jan 2020 11:46 AM IST
शाहरुख खान
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 12 Jan 2020 11:46 AM IST
विज्ञापन
kannauj road accident
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के बाद राजकीय मेडिकल कालेज पहुंचे घायल हादसे को याद कर सिहर उठते हैं। इनका कहना है कि हादसे के बाद का मंजर वह पूरी जिंदगी नहीं भुला पाएंगे। आसपास के ग्रामीण किसी फरिश्ते से कम नहीं थे। इनकी वजह से कई लोगों की जान बच सकी।
बस हादसे में झुलसी अस्पताल में भर्ती रेखा
- फोटो : अमर उजाला
भिड़ंत के बाद स्लीपर में बैठी सवारियां नीचे गिरीं
शास्त्री नगर निवासी दिनेश यादव की पत्नी रेखा (35) छिबरामऊ से बस पर सवार हुईं। बस ने कुछ दूरी तय करने के बाद रफ्तार पकड़ी थी कि टक्कर से ऊपर बैठी सवारियां नीचे गिर गईं। वह गेट के समीप सीट पर बैठी थीं। गेट से बाहर निकलने के लिए आपाधापी मची हुई थी। इस दौरान वह भी बाहर निकल आईं।
शास्त्री नगर निवासी दिनेश यादव की पत्नी रेखा (35) छिबरामऊ से बस पर सवार हुईं। बस ने कुछ दूरी तय करने के बाद रफ्तार पकड़ी थी कि टक्कर से ऊपर बैठी सवारियां नीचे गिर गईं। वह गेट के समीप सीट पर बैठी थीं। गेट से बाहर निकलने के लिए आपाधापी मची हुई थी। इस दौरान वह भी बाहर निकल आईं।
कन्नौज बस हादसे में घायल सवारी को चेक सौंपते मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
जान की परवाह किए बगैर की मदद
जयपुर के ईदगाह गल्ला गेट निवासी इकबाल का बेटा सोहेल (20) छिबरामऊ से बस पर सवार हुआ। वह अपनी रिश्तेदारी में आया हुआ था। वह मोबाइल चला रहा था। उसकी सीट के पास एक महिला व बच्चा बैठा था। इन्होंने खुद की जान की परवाह किए बिना दोनों को शीशा तोड़कर खिड़की से बाहर निकाला। इसके बाद आग की लपटें बढ़ गईं। वह इनसे घिर गए।। काफी मुश्किल से खिड़की से बाहर कूद पाए। इससे चोटें भी आई हैं।
जयपुर के ईदगाह गल्ला गेट निवासी इकबाल का बेटा सोहेल (20) छिबरामऊ से बस पर सवार हुआ। वह अपनी रिश्तेदारी में आया हुआ था। वह मोबाइल चला रहा था। उसकी सीट के पास एक महिला व बच्चा बैठा था। इन्होंने खुद की जान की परवाह किए बिना दोनों को शीशा तोड़कर खिड़की से बाहर निकाला। इसके बाद आग की लपटें बढ़ गईं। वह इनसे घिर गए।। काफी मुश्किल से खिड़की से बाहर कूद पाए। इससे चोटें भी आई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस हादसे में झुलसा युवक
- फोटो : अमर उजाला
शीशे टूटने से निकल पाए बाहर
सदर कोतवाली की नई बस्ती मुकरी टोला निवासी सलमान (30) पुत्र मुश्ताक, लईक (20) पुत्र जमील अहमद हादसे के दौरान बस में सो रहे थे। आग की लपटों से चीख-पुकार मच गई। इस दौरान बाहर से लोगों ने बस के शीशे तोड़ दिए। इससे वह कूदकर बाहर निकल सके।
सदर कोतवाली की नई बस्ती मुकरी टोला निवासी सलमान (30) पुत्र मुश्ताक, लईक (20) पुत्र जमील अहमद हादसे के दौरान बस में सो रहे थे। आग की लपटों से चीख-पुकार मच गई। इस दौरान बाहर से लोगों ने बस के शीशे तोड़ दिए। इससे वह कूदकर बाहर निकल सके।
विज्ञापन
अस्पताल में भर्ती बस हादसे में झुलसे लोग
- फोटो : ANI
खौफनाक मंजर से निकले, पीछे मुड़कर नहीं देखा
हरदोई जनपद के जरौली नवादा बिलग्राम निवासी रामप्रकाश (45) ने बताया कि वह हादसे के दौरान बस में जाग रहे थे। अचानक भीषण टक्कर की आवाज सुनाई पड़ी। कुछ ही देर में बस को आग की लपटों ने घेर लिया। अचानक खिड़की का शीशा टूटने पर वह कूदकर बाहर निकले।
हरदोई जनपद के जरौली नवादा बिलग्राम निवासी रामप्रकाश (45) ने बताया कि वह हादसे के दौरान बस में जाग रहे थे। अचानक भीषण टक्कर की आवाज सुनाई पड़ी। कुछ ही देर में बस को आग की लपटों ने घेर लिया। अचानक खिड़की का शीशा टूटने पर वह कूदकर बाहर निकले।