लोकसभा चुनाव में ज्यादा से ज्यादा वोटिंग कराने के उद्देश्य से तरह-तरह की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसी कड़ी में मतदाता पर्ची के पीछे गूगल मैप भी दिया जाएगा। इस मैप के जरिए मतदाता को संबंधित मतदान केंद्र की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। आयोग के इस निर्देश को लेकर अधिकारी तैयारी में जुट गए हैं।
निर्वाचन आयोग मतदाताओं की सुविधाओं के लिए कई तरह की व्यवस्था कर रहा है। मतदाताओं को अपने मतदान केंद्र तक पहुंचने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए गूगल पर मतदान केंद्रों का नक्शा फीड किया जा रहा है। मतदान केंद्र का पता लगाने के लिए मतदाता को मोबाइल पर चीफ इलेक्शन ऑफिसर उप्र की वेबसाइट सर्च करनी होगी।
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लोकसभा चुनाव (फाइल फोटो)
- फोटो : Amar Ujala
इसमें अपना वोटर आईडी नंबर अंकित करते ही मतदान केंद्र की लोकेशन पता चल जाएगी। मतदान पर्ची का प्रिंट भी निकाला जा सकेगा। फोटो युक्त मतदाता पर्चियों और बूथ संख्या को गूगल पर फीड किया जा रहा है। इससे मतदाताओं व चुनाव कर्मियों को काफी राहत मिलेगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि गूगल से सर्च कर चुनाव कर्मी व मतदाता आसानी से मतदान केंद्रों तक पहुंच जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी रवींद्र कुमार ने सभी एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विधानसभा के बीएलओ को अभी से तैयार कर दें। मतदाता पर्ची छपते ही उसका वितरण शुरू कर दें।
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लोकसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
मतदान के पांच दिन पूर्व सभी मतदाताओं को पर्ची जरूर मिल जाए। अगर कहीं पर्ची वितरण नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। चुनाव आयोग के इस निर्देश को लेकर सभी तैयारी में जुट गए हैं। मतदाता सूची की फीडिंग शुरू करा दी गई है। मतदान से दस दिन पहले मतदाता पर्चियों को छापने के निर्देश दिए गए हैं।