भईया गर्मी आय गयी है.. अइसे मा आप सभी लोगन से अनुरोध है कि कृपया ज्ञान ना बांटौ.. कुछु बांटेहे का है तो लस्सी बांटौ.. आम केर पना बांटौ.. वइसे भी आजकाल चुनावी अंधड़ अउर लू चलि रही है.. आजकाल अगर रात मा सफेद कपड़ा पहिने कोऊ आय के आपके पैर पकड़ि लेवे तो भूत समझि के डरेव नाही.. उई सांसद पद केर उम्मीदवारौ होय सकत हैं..
आजकाल सबै पार्टी केर नेता भयंकर जनसंपर्क बनाय मा लगे हैं.. बड़ी बड़ी गाड़ी मा बइठे नेता होरे सायरन अउर हूटर बजावत भये नक्शेबाजी पेल रहे हैं.. अरे भईया हूटर ऊटर देखिभाल के बजाव.. कम से कम अस्पतालन के आसपास तो ना बजाव.. सूखी रंगबाजी ना करौ.. इन्सान का बच्चा बनो..!!
अइसेहे एक ठो पइसावाले उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़ि रहे हैं.. उनका चुनावी जुलूस बादशाही नाका से कलक्टरगंज से होत भया बिरहाना रोड से निकलि के घसियारी मंडी जात रहा.. तो हमहूं देखत रहे.. उनके साथ आगे पीछे छुटभैये नेता टाइप चापलूस भी रहे.. उई लोगे ई नए बने नेता का ज्ञान देवत रहे.. भैया ई मंदिर केर घंटा बजा देव.. बहुत बढ़िया सन्देश जहिये.. हिंया ई कुल्हड़ मा चाय पी लेव.. ई कीचड़ मा बजबजावत गली से निकसी जाओ.. ई मोहल्ले के सबसे बुजुर्ग आदमी आंय..
पांच हजार वोट इनके जेब मा आंय.. लटक जाओ पैर पकड़ के.. ई बच्चे का गोद मा उठाय लेव.. नंगा फुंगा गन्दा है तो का भवा.. जल्दी उठाव नाही तो मीडिया निकसि जाई..। पता चला ई नए नए उम्मीदवार का ई छुटभैये टाइप नेता लोग आपन डमरू बजाय के उल्टा सीधा नचाय रहे हैं.. अइसेहे गड़रियनपुरवा मा एक कंडीडेट एक बूढ़ी औरत से कहिस अम्मा हाथी का ख्याल रक्खेव.. उई अम्मा भड़क गयी.. कहे लागि अये हम बूढ़ औरत तुम्हरे हाथी का कइसे ख्याल रखब.. बकरी होत तो संभाल लेतेन..।
एक तो अपने हिंया कानपूर मा लोगन के पास टाइम बहुत है.. खाली ठाले बइठे कनपुरिये केहू के भी उंगली किया करत हैं.. अइसेहे एक अउर नेता रहे.. श्यामनगर सुजातगंज की तरफ जनसंपर्क करत रहे तबहीं वहीं मोहल्ले केर एक ठो ज्ञानी टाइप फालतू आदमी उई नेताजी का टोंट मारिस कुछु हुईहै नाही.. बस अइसेहे दौड़त रहौ.. उई नेताजी पूछिन कि का भवा.. तो उई कहे लाग यार गुरु यही से निकलत हौ अउर हमरी कुलिया मा नाही आत हौ.. तो कइसे हुईहै..