हमीरपुर में सपा में जिलाध्यक्ष के रिक्त पद को लेकर सपाइयों की भागदौड़ जारी है। कई ने हाईकमान की परिक्रमा शुरू कर दी है। सक्रिय सदस्यों व पूर्व पदाधिकारियों ने लखनऊ की दौड़ तेज कर दी है। कुछ कार्यकर्ताओं ने तो वहीं डेरा जमा लिया है।
सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष ज्ञानसिंह यादव के पुत्र जिला पंचायत सदस्य सौरभ यादव ने जब जिला पंचायत अध्यक्ष वंदना यादव (अब निवर्तमान) के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए भाजपा की जिला पंचायत सदस्य जयंती राजपूत की अगुवाई में दिए गए अविश्वास प्रस्ताव पर नोटिस का साथ दिया, तब से ही यहां के सपाई खेमे में हलचल शुरू हो गई।
इस मामले में पार्टी से बगावत करने के आरोप में प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने करीब 25 दिन पहले जिलाध्यक्ष को हटाते हुए पूरी कार्यकारिणी भंग कर दी थी। तबसे यहां जिलाध्यक्ष का पद रिक्त चल रहा है। अब नया जिलाध्यक्ष बनने के लिए कई युवा चेहरे व पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी इन दिनों राजधानी की दौड़ लगाकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से सीधे मिलकर जिलाध्यक्ष बनाए जाने की दावेदारी कर रहे हैं।
यहां तक कि पार्ट्री के कई वफादार युवा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में डेरा जमा लिया है। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वंदना यादव पूर्व मुख्यमंत्री की करीबी रिश्तेदार भी हैं और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने पर तत्कालीन जिलाध्यक्ष का रुख आलाकमान को नागवार गुजरा और जिला कार्यकारिणी भंग कर दी गई। पार्टी के एक नेता ने नाम छुपाते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर चार लोग दावेदारी कर चुके हैं और जल्द ही जिलाध्यक्ष चुन लिया जाएगा।