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उड़ने वाली टैक्सी बनाएंगे आईआईटीयंस, अमेरिकन हेलीकॉप्टर सोसाइटी ने दी रिसर्च के लिए स्कॉलरशिप

Fri, 30 Mar 2018 05:28 PM IST
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 30 Mar 2018 05:28 PM IST
सार

- भारत में पढ़ाई कर रहे पहले छात्र ने हासिल की है यह उपलब्धि
- आईआईटी में चल रहा प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने का काम

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Iitians will create flying taxi
डेमो पिक
वो दिन दूर नहीं, जब आपको अपने मोबाइल से एक क्लिक पर उड़ने वाली टैक्सियां मिलने लगेंगी। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने इस प्रोजेक्ट पर भी काम शुरू कर दिया है। दुनिया की सबसे बड़ी अमेरिकन हेलीकाप्टर सोसाइटी (एएचएस) ने इस क्षेत्र में रिसर्च के लिए संस्थान के एयरोस्पेस डिपार्टमेंट के बीटेक-एमटेक डुअल डिग्री प्रोग्राम के छात्र सौरभ सिन्हा को वर्टिकल फ्लाइट फाउंडेशन (वीएफएफ) 2018 स्कॉलरशिप दी है।

 
Iitians will create flying taxi
डेमो पिक
सौरभ देश में पढ़ाई करने वाले पहले ऐसे छात्र हैं, जिन्हें यह स्कॉलरशिप मिली है। सौरभ एयर टैक्सी के लिए ऑटो पायलट तैयार कर रहे हैं। यह रिसर्च एयरोस्पेस डिपार्टमेंट के प्रो. मंगल कोठारी और प्रो. अभिषेक की लीडरशिप में की जा रही है। प्रो. अभिषेक ने बताया कि वीएफएफ स्कॉलरशिप अभी तक विदेश में पढ़ने वाले कई भारतीय छात्रों को मिल चुकी है, जिसमें वह खुद भी शामिल हैं लेकिन, सौरभ भारत मे पढ़ने वाले पहले छात्र हैं, जिन्होंने यह स्कॉलरशिप हासिल की है। इसके तहत सौरभ को 3000 डॉलर मिलेंगे।
 

विटाल तैयार कर रहे विशेषज्ञ 

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प्रो. अभिषेक ने बताया कि वह और उनके साथी वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग (विटाल) टैक्सी तैयार कर रहे हैं। मतलब एक ऐसी टैक्सी, जो जरूरत पड़ने पर सड़क पर चलने के अलावा हवा में भी उड़ सके। इससे लोगों को एक जगह से दूसरी जगह तक आसानी से पहुंचाया जा सके। इसका इस्तेमाल लोग टैक्सी के रूप में कर सकेंगे। प्रो. अभिषेक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में उन्हें काफी सही ट्रैक मिला है। उम्मीद है कि जल्द ही वह इसे तैयार होने में कामयाब भी होंगे।
 
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कई देशों के छात्र करते हैं अप्लाई

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वीएफएफ स्कॉलरशिप हासिल करने के लिए दुनिया के 150 से ज्यादा देशों से हजारों आवेदन आते हैं। इनमे से बड़ी संख्या में छात्र दुनिया के टॉप-50 शिक्षण संस्थानों के होते हैं। ऐसे में सौरभ को यह स्कॉलरशिप मिलना देश के लिए भी गर्व की बात मानी जा रही है।
 
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प्रो. अभिषेक ने भी जीती है स्कॉलरशिप

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सौरभ से पहले उनके गाइड प्रो. अभिषेक भी वर्ष-2008 में यह स्कॉलरशिप जीत चुके हैं। हालांकि, तब वह अमेरिकन इंस्टीट्यूट में पीएचडी स्कॉलर थे।  प्रो. अभिषेक ने बताया कि सौरभ को 16 मई को अमेरिका में इंटरनेशनल ग्रैंड अवार्ड से नवाजा जाएगा।
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