फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

स्टार्टअप कंपनी: जानिए कैसे 100 कंप्यूटर से शुरू की कंपनी को 500 करोड़ तक पहुंचाया

Wed, 07 Mar 2018 09:30 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 07 Mar 2018 09:30 AM IST
विज्ञापन
how to manage a Startup initiative
डेमाे पिक
आईआईटी कानपुर के प्रो. बीवी फड़ी ने छात्रों से अपने शुरुआती दौर की भी कहानी साझा की। बताया कि प्रोफेसर बनने से पहले वे भी एक स्टार्टअप कंपनी के सीईओ थे। उस कंपनी में 100 कंप्यूटर थे, जिसके सहारे उन्होंने पांच सौ करोड़ रुपये तक का बिजनेस किया।


 
how to manage a Startup initiative
डेमाे पिक
प्रो. फड़ी ने बताया कि स्नातक की पढ़ाई के बाद एक दोस्त उनके पास आया। उसने बताया कि उसने 20 हजार रुपये वाले 100 कंप्यूटर 12-12 हजार रुपये में खरीदे हैं। जिसे वह लोगों को महंगे दाम में बेचेगा। तभी दुनिया में आर्थिक संकट का दौर आ जाता है और लोग कंप्यूटर खरीदने से मना कर देते हैं। तब उस दोस्त ने एक कंपनी खोली और उन्हें सीईओ बनाया।

 
how to manage a Startup initiative
डेमाे पिक
प्रो. फड़ी ने बताया कि जून-जुलाई में उन्होंने स्कूलों से समझौता कर बच्चों को कंप्यूटर सिखाना शुरू किया। तब साल में सात से आठ लाख रुपये की आमदनी होने लगी। इसके बाद स्कूलों में ही कमरे लेकर बाहरी लोगों को कंप्यूटर सिखाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे कंपनी काफी प्रचलित हो गई। दो अन्य राज्यों में भी यही काम शुरू किया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
how to manage a Startup initiative
डेमाे पिक
इस समय कंपनी का सालाना बिजनेस 500 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका था। तभी कंपनी के फाउंडर की नीयत बदली और उनकी सैलरी कम करने को कह दिया। तब उन्होंने कंपनी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने आईआईएम बंगलूरू से मैनेजमेंट की पढ़ाई की और आईआईटी में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर पढ़ाने लगे। प्रो. फड़ी बताते हैं कि वे यहां दोनों काम करते हैं। स्टार्टअप को प्रमोट भी कर रहे हैं और बच्चों को शिक्षा भी दे रहे हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed