{"_id":"5a9ed2424f1c1b5e6e8b8da9","slug":"daughter-in-law-said-first-make-the-toilet","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बहू ने किया खुले में शाैच जाने से इंकार, बाेली बाहर जाने में लगती है शर्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहू ने किया खुले में शाैच जाने से इंकार, बाेली बाहर जाने में लगती है शर्म
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 07 Mar 2018 09:30 AM IST
विज्ञापन
डेमाे पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अक्षय कुमार की फिल्म टायलेट एक प्रेम कथा की याद तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत टिड़ियापुर के मजरा खुरदैया में उस समय फिर ताजा हो गई, जब एक शहरी बहू ने शौचालय की मांग को लेकर खाना-पीना छोड़ दिया और खुले में शौच जाने से मना कर दिया। 6 दिनों तक शौच न जाने से उसकी हालत बिगड़ गई। ससुरालियों ने उसे उसके मायके कानपुर नौबस्ता भेज दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
डेमाे पिक
तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के गांव खुरैदया निवासी दिनेश शर्मा ने 18 फरवरी को बड़े बेटे सुमित की शादी कानपुर के नौबस्ता की सुनीता देवी से की थी। विदा होकर अगले दिन सुनीता ससुराल पहुंची। 20 फरवरी की सुबह जब उसने घर में शौचालय के बारे में पूछा तो पता चला कि उसे खुले में जाना होगा। सुनीता ने खुले में शौच जाने से इनकार कर दिया और खाना-पीना भी छोड़ दिया। 23 फरवरी की सुबह उसकी हालत बिगड़ गई।
डेमाे पिक
पति समेत अन्य लोगों ने काफी समझाया, पर सुनीता खुले में शौच जाने को राजी नहीं हुई। बाद में मायके वालों को बुलाकर सुनीता को कानपुर स्थित मायके भेज दिया गया। जहां उसका इलाज शुरू हुआ। दवा अभी भी चल रही है। मंगलवार को ससुर दिनेश शर्मा ने कन्नौज सदर में आयोजित तहसील दिवस में सीडीओ अवधेश बहादुर सिंह को प्रार्थना पत्र दिया और शौचालय बनवाने की मांग की। दिनेश ने बताया कि अब वह बहू तो तभी विदा कराकर घर लाएगा जब शौचालय बन जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
डेमाे पिक
उसने आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला दिया। बताया कि शौचालय के लिए वह कई बार प्रधान पति मान सिंह पाल के पास भी गया, पर उन्होंने खाते में पैसा न होने की बात कहकर टरका दिया। इस पर सीडीओ ने पात्रता की जांच कराकर शौचालय बनवाने का आश्वासन दिया है। रिपोर्ट में यदि प्रार्थी पात्र मिलता है तो उसे शौचालय अवश्य मुहैया कराया जाएगा, वहीं डीएम रवींद्र कुमार ने कहा कि यदि इस तरह की शिकायत की गई है तो प्रभारी डीपीआरओ से पात्रता की जांच कराई जाएगी। सब कुछ सही मिलता है तो शौचालय बनवाया जाएगा।