छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर के 33वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संस्कार की कमी के चलते युवा आतंकवादी बनते हैं। उन्होंने अमेरिकन लेखक टॉम फ्रीज मैक की लिखित किताब ‘इंफोसिस बनाम अलकायदा’ को उदाहरण के तौर पर पेश किया। बोले, दोनों संगठनों में काम करने वालों के बीच कई समानताएं हैं लेकिन फिर भी इंफोसिस में काम करने वाले युवा समाज के लिए कल्याणकारी हैं और अलकायदा के आतंकी विनाशकारी।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दिए ये 10 संदेश, आप भी जानें इंटरनेट से कैसे आई 'संस्कारों में कमी'
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 12 Sep 2018 08:02 AM IST
सार
- संस्कार की कमी से आतंकवादी बनते हैं युवा
- सीएसजेएमयू के दीक्षांत समारोह में गृहमंत्री ने गिनाया इंफोसिस और अलकायदा में काम करने वालों के बीच की समानता
-- बोले, देश की शक्ति को पहचानें युवा, हम विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर हैं
-- मोदी सरकार की उपलब्धि गिनाई, महंगाई के सवालों पर बचते रहे
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