बढ़ते तनाव व निष्क्रिय जीवनशैली के कारण हृदय रोगियों की संख्या आज लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कॅारानरी आर्टरी, एरिथ्मियास, हार्ट वाल्व बीमारी, कार्डियोमेगाली जैसी कई बीमारियां हो रही हैं। ऐसी बीमारियों से बचने के लिए आपको इन्हें समझना चाहिए।
तेज चलने पर सांस फूलने लगे या बाएं तरफ के हाथ, सीने और कंधे में हाे दर्द की शिकायत ताे...
आज के समय में किसी को भी हृदय रोग हो सकता है लेकिन अगर आप पहले से ही ओवरवेट हैं, मधुमेह के मरीज हैं तो आपको अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। हृदय रोगों का एक बड़ा कारण है तनाव। तनाव के कारण रक्तचाप बढ़ता है और इससे हृदय स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है।
हृदय की बीमारियों के होने के बहुत से कारणों में से अनुवांशिक कारण भी एक है। अनुवांशिक कारणों को आप बदल नहीं सकते, लेकिन तनाव और अन्य कारणों से आप बच सकते हैं। इसलिए दिल के रोगों की आशंका को कम करने के लिए जानें कि आप कैसे रख सकते हैं अपने दिल का ख्याल:
आपके घर में अगर पहले से ही किसी सदस्य को हृदय रोग है तो आप भी अपनी जांच करायें। रक्तचाप और कॅालेस्ट्राल के स्तर को नियंत्रित बनाये रखें। उच्च रक्तचाप या निम्न रक्तचाप की समस्या होने पर भी लापरवाही ना बरतें। समय-समय पर रक्तचाप और कॅालेस्ट्राल के स्तर की जांच कराते रहें और चिकित्सक से मिलने में देर न करें।
हृदय की बीमारियों के होने के बहुत से कारणों में से अनुवांशिक कारण भी एक है। अनुवांशिक कारणों को आप बदल नहीं सकते, लेकिन तनाव और अन्य कारणों से आप बच सकते हैं। हृदय रोगों का खतरा कम करने के लिए जरूरी है उच्च रक्तचाप, उच्च कॅालेस्ट्राल के स्तर को कम करना, जिससे गंभीर रोगों की संभावना भी कम की जा सके।