हरदोई जिले में बिल्हौर-कटरा राज्य राजमार्ग पर बुधवार दोपहर में हुआ हादसा इतना भीषण था कि ऑटो सवार ज्यादातर लोगों को चीखने का भी मौका नहीं मिला। ऑटो पलटा और दबकर 11 लोगों की जान चली गई। इनमें से सात लोगों की मौत मौके पर ही हो गई। मरने वाले सभी ऑटो में सवार थे। कोई अपने करीबी की मौत की सूचना पर दुख व्यक्त कर घर जा रहा था तो कोई महिला मायके जा रही थी। एक परिवार का इकलौता बेटा दवा लेने के लिए निकला था, लेकिन मौत ने रास्ते में ही दबोच लिया।
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hardoi road accident
- फोटो : amar ujala
सिर्फ चार सवारी की थी क्षमता
बिल्हौर कटरा राज्य राजमार्ग पर बुधवार को जो ऑटो हादसे का शिकार हुआ, उसकी क्षमता सिर्फ चार सवारी बैठाने की है। बावजूद इसके इस सीएनजी ऑटो में 14 लोग सवार थे। 14 सवारियां लेकर ऑटो राज्य राजमार्ग पर फर्राटा भर रहा था और यातायात माह के बावजूद भी किसी जिम्मेदार की निगाह इस पर नहीं पड़ी। खास बात यह है कि जहां से ऑटो सवारी भरते हैं, वह जगह थाने से बमुश्किल 500 मीटर दूर है और जहां जाते हैं वहां से भी कोतवाली 300 मीटर दूर है।
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ज्यादा सवारी ढोने में हो चुका है चालान
रोशनपुर गांव के पास जो ऑटो हादसे का शिकार हुआ, उसमें 14 सवारियां थीं। इनमें से 11 की मौत हो गई, जबकि तीन घायल हैं। बड़ा सवाल यह है कि एसपी नीरज जादौन की सख्त नसीहत के बाद भी माधौगंज थाना क्षेत्र और बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र में क्षमता से अधिक सवारी लेकर वाहन किसकी शह पर फर्राटा भर रहे हैं। सीएनजी ऑटो का एक बार ज्यादा सवारी ढोने में चालान भी हो चुका है, लेकिन फिर भी ओवरलोडिंग का सिलसिला रुका नहीं।
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पुलिस अधीक्षक बोले- जिम्मेदारी सबकी तय होगी
माधौगंज थाने से बमुश्किल 500 मीटर दूर चौराहे से सवारियां ढोने का काम सीएनजी ऑटो करते हैं तो बिलग्राम में कोतवाली से लगभग 300 मीटर दूर यह सीएनजी वाहन सवारी उतारने और बैठाने का काम करते हैं। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने इसको लेकर किए गए सवाल के जवाब में साफ कहा कि जिम्मेदारी सबकी तय होगी। अभी प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। शवों का पोस्टमार्टम कराना और परिजनों को ढांढस बंधाना है, गलती जिसकी भी होगी वह परिणाम भी भोगेगा।
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शोक जताने गई थीं, घर न पहुंच सकीं सगी बहनों समेत तीन महिलाएं
बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के इटौली गांव निवासी नीलम (60) का ननिहाल मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के महनेपुर गांव में है। नीलम के ममेरे भाई की मौत मंगलवार को हो गई थी। दुख जताने के लिए नीलम अपने भतीजे राकेश की पत्नी राधा और राधा की बहन अल्लीगढ़ निवासी निर्मला के साथ महनेपुर गई थीं। बुधवार की सुबह नीलम के देवर गोकरन ने उसे राधा और निर्मला के साथ महनेपुर मोड़ से बिलग्राम जाने के लिए ऑटो पर बैठाया था। गोकरन ने गांव पहुंचकर मिलने की बात कही थी, लेकिन निर्मला, नीलम और राधा का यह आखिरी सफर हो गया।