हरदोई में हुए ऑटो हादसे में जान गंवाने वालों में मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के माझ गांव निवासी माधुरी (37) भी शामिल हैं। माधुरी 16 बिस्वा जमीन का बैनामा कराने के लिए बिलग्राम तहसील जाने के लिए ऑटो में बैठी थीं, लेकिन रास्ते में हुए हादसे में उनकी जान चली गई। माधुरी के पति की मौत पांच माह पहले कैंसर से हुई थी। 10 दिन पहले ही उसने उन्नाव जनपद में पंचायत राज विभाग के अधीन सफाईकर्मी के पद पर नौकरी शुरू की थी। मां की मौत की जानकारी मिलने पर उनके तीन बच्चे बिलख पड़े।
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माधुरी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मांझ गांव निवासी माधुरी के पति राजकुमार पंचायत राज विभाग के अधीन उन्नाव जनपद में सफाईकर्मी के पद पर तैनात थे। पांच माह पहले कैंसर से उनकी मौत हो गई थी। मृतक आश्रित के तौर पर पति की जगह माधुरी को 30 सितंबर को पंचायत राज विभाग ने नियुक्ति पत्र सौंपा था। 26 अक्तूबर को माधुरी को उन्नाव जिले के गंजमुरादाबाद विकास खंड के खैरहन गांव में तैनाती दी गई थी। विभाग से कुछ देयकों का भुगतान भी किया गया था।
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Hardoi Accident
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दो लाख 20 हजार रुपये में उसने खंजरिया के पास 16 बिस्वा जमीन तय की थी। इस जमीन का बैनामा बुधवार को बिलग्राम में होना था। इसके लिए माधुरी के पिता राम सिंह और मां रामप्यारी व चंदीपुर निवासी भांजे रामलाल और विमल बिलग्राम गए थे। राम सिंह और राम प्यारी दूसरे ऑटो से बिलग्राम पहुंचे। रामलाल और विमल बाइक से गए थे। चारों लोग माधुरी के आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उसकी मौत की खबर आई।
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दो बच्चों समेत महिला की मौत, पति की हालत गंभीर
सांडी थाना क्षेत्र के गुर्रा निवासी बालेश्वर अपनी पत्नी रोशनी (26) पुत्री वंशिका (5) और पुत्र प्रांशू (1) के साथ ससुराल सखेड़ा जाने के लिए निकले थे। रास्ते में वह परिवार के साथ ऑटो में सवार हो गए। ऑटो दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पत्नी रोशनी, बेटी वंशिका और बेटे प्रांशू की मौत हो गई। बालेश्वर गंभीर रूप से घायल हैं। उनको पहले सीएचसी में भर्ती किया गया, फिर मेडिकल कॉलेज लाया गया। रात में उनकी हालत बिगड़ गई तो लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
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चार सवारियों की क्षमता वाले ऑटो में चालक सहित बैठे थे 14 लोग
रोशनपुर गांव के पास जिस ऑटो के पलटने से 11 लोगों की जान चली गई उसमें चालक सहित चार लोग ही बैठ सकते थे। जबकि हादसे वाले दिन उसमें चालक सहित 14 लोग बैठे हुए थे। यदि इसमें चार लोग ही बैठे होते तो इतने लोगों की जान न जाती। बड़ा सवाल यह है कि एसपी नीरज जादौन की सख्त नसीहत के बावजूद माधौगंज थाना क्षेत्र और बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र में क्षमता से अधिक सवारी लेकर ऑटो चालक कैसे फर्राटा भर रहे हैं? इस समय तो यातायात सप्ताह भी मनाया जा रहा है। इस दौरान भी अगर इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है तो आम दिनों में क्या होता होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।