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1000 रुपये में हुआ जीभ के कैंसर का पहला ऑपरेशन
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 12 May 2018 06:58 AM IST
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डेमाे पिक
बांदाः चित्रकूटधाम मंडल के राजकीय मेडिकल कालेज की उपलब्धियों की एक और कड़ी जुड़ गई। ईएनटी विभाग के हेड सर्जन ने जूनियर डाक्टरों के सहयोग से यहां पहली बार जीभ के कैंसर का ऑपरेशन किया। डाक्टरों का दावा है कि...
जानकारी देते डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को मेडिकल कालेज के ईएनटी सर्जन डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि अतर्रा क्षेत्र के सेमरिया गांव निवासी रघुवीर (63) की जीभ के पिछले हिस्से में करीब 4 सेंटीमीटर का जख्म था। इसकी वजह गले के अंदर पांच गांठें थीं। बॉयस्पी जांच में कैंसर निकला।
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गुरुवार को आपरेशन से रघुवीर की जीभ का पिछला हिस्सा और गले की सभी गांठें निकाल दी गईं। लगभग साढ़े तीन घंटे आपरेशन चला। मेडिकल कालेज की इमर्जेंसी में उसका इलाज हो रहा है। रघुवीर ने बताया कि इलाहाबाद और कानपुर में भी इलाज कराया। वहां भी आपरेशन की सलाह दी गई, लेकिन महंगे खर्च की वजह से उसने मेडिकल कालेज में आपरेशन कराया है।
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आपरेशन के बारे में बताते ईएनटी सर्जन डा.भूपेंद्र और साथ में जूनियर डाक्टर
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. भूपेंद्र इसके पूर्व कान के पर्दे, नाक की हड्डी, मुंह के कैंसर, थायराइड, गले की गांठ, लार ग्रंथि की गांठ आदि का भी सफल आपरेशन कर चुके हैं। उनके साथ टीम में एनेस्थेटिस्ट डॉ. सुशील कुमार और जूनियर डॉ. मनोज व डॉ. अमित भी रहे। प्रधानाचार्य प्रोफेसर द्विजेंद्रनाथ जैन ने इस उपलब्धि पर ईएनटी विभाग सर्जन व उनकी टीम को बधाई दी। डाक्टरों का दावा है कि महानगरों में आपरेशन पर लगभग 50 हजार रुपये से ज्यादा खर्च होता, जबकि मेडिकल कालेज में मात्र एक हजार रुपये में आपरेशन हो गया।