कानपुर के जनरलगंज में जगन्नाथ रथयात्रा के दूसरे दिन भी देर रात 10 बजे बवाल हो गया। दो मंडलों के पदाधिकारियों में मारपीट हुई। पत्थर चले और वाद्य यंत्रों से एक दूसरे पर हमला किया गया। इसमें बच्चे, महिलाओं समेत 10 से अधिक लोग घायल हो गए। आरोप है कि एक मंडल की महिलाओं से दूसरे मंडल के पदाधिकारियों ने बदसलूकी की।
शनिवार रात जनरलगंज से जगन्नाथ रथयात्रा उठी और नयागंज चौराहे के पास पहुंची। यहां पर श्री ओमर वैश्य बाल गोपाल जी सेवा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पानी और कोल्ड ड्रिंक का स्टॉल लगा था।
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जगन्नाथ रथयात्रा में मारपीट
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बताया जा रहा है कि दूसरे मंडल श्री दोषर वैश्य नवयुवक मंडल के पदाधिकारी वहां से गुजरे और दोनों मंडलों के पदाधिकारियों के बीच विवाद शुरू हो गया। एसीपी चकेरी अभिषेक पांडेय ने बताया कि मामला शांत करा दिया गया है।
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रथयात्रा के दौरान मारपीट करते दो मंडलों के लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले दिन होती कार्रवाई तो न बढ़ता बवाल
जगन्नाथ रथयात्रा के पहले दिन भी श्री ओमर वैश्य बाल गोपाल जी सेवा समिति और श्री दोषर वैश्य नव युवक मंडल के पदाधिकारियों के बीच मारपीट और कहासुनी हुई थी। एक मंडल की महिलाओं ने दूसरे पदाधिकारियों पर नशे में धुत होकर अभद्रता करने का आरोप लगाकर बादशाहीनाका थाने में शिकायत की थी। हालांकि पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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महिलाओं ने दूसरे मंडल के पदाधिकारियों पर बदसलूकी का आरोप
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसका नतीजा यह हुआ कि दूसरे दिन शनिवार रात फिर से मारपीट और पथराव हुआ। श्री ओमर वैश्य बाल गोपाल जी सेवा समिति के दीप कुमार ओमर ने आरोप लगाया है कि 27 और 28 जून की रात करीब दो बजे उनके स्टाल पर श्री दोसर वैश्य नवयुवक मंडल के कुछ लोग पानी पीने के लिए आए।
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महिलाओं ने दूसरे मंडल के पदाधिकारियों पर बदसलूकी का आरोप
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह नशे में धुत थे। उन्होंने महिलाओं से अभद्रता की। मौके पर मौजूद युवकों ने जब उनका विरोध किया तो देख लेने की धमकी दी। दीप कुमार का आरोप है कि पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।