कानपुर में औद्योगिक क्षेत्र पनकी के साइट नंबर-5 में नियमित रूप सफाई न होने और जगह-जगह अतिक्रमण से फैक्टरी मालिक परेशान हैं। पार्क के लिए छोड़ी गई जगह को लोगों ने कूड़ा घर बना दिया है। हर साल करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये टैक्स देने के बाद भी उद्यमियों को सुविधाएं नहीं मिल रहीं। नगर निगम और यूपीसीडा के बीच उद्यमी फंसे हैं। इससे औद्योगिक क्षेत्र बदहाल हैं।
क्षेत्र में जगह-जगह टट्टर डालकर लोगों ने सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण कर लिया है। इस वजह से ट्रकों के निकलने व पार्किंग करने में दिक्कत होती है। अगर एक साथ किसी फैक्टरी के तीन-चार ट्रक आ जाएं, तो जाम जैसी स्थिति बन जाती है। नालियों पर निर्माण होने से कर्मचारी सफाई नहीं करते, जिससे नालियां चोक हो जाती हैं और गंदगी पसरी रहती है। कई-कई दिन तक कूड़ा नहीं उठाया जाता है। इससे फैक्टरी मालिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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पनकी साइट नंबर-5
- फोटो : amar ujala
आने-जाने का सिर्फ एक ही मार्ग
प्रोविंशियल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (पीआईए) के प्रांतीय अध्यक्ष मनोज बंका ने बताया कि साइट नंबर-5 मलिक पेट्रोल पंप के सामने से शुरू होता है। यहां आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता है। नहर पर सिर्फ एक ही पुलिया बनी है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नहर पर एक जगह और पुलिया बनाई जानी चाहिए। इससे और भी मार्ग जोड़े जाने चाहिए, जिससे आपातकालीन स्थिति में मदद मिल सके।
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पनकी साइट नंबर-5
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ये है आंकड़ा
क्षेत्रफल 125 एकड़
फैक्टरियां 450
बंद फैक्टरियां 50
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पनकी साइट नंबर-5
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- क्षेत्र को विकसित करते समय पार्क के लिए जगह छोड़ दी गई, लेकिन विकसित नहीं किया गया। यहां लोग कूड़ा फेंकते हैं और छुट्टा मवेशी भी लोगों के लिए सिर दर्द बने हैं। -गिरीश चंद्र पालीवाल
- औद्योगिक क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नगर निगम के सफाईकर्मी कई दिन तक नहीं आते, जिससे गंदगी पसरी रहती है। नालियां बजबजा रही हैं। -मोहित गुप्ता
- अतिक्रमण कर जगह-जगह चाय-समोसे की दुकानें खोल ली गई हैं। इस वजह से गाड़ियां खड़ी करने की जगह नहीं है। शिकायत पर भी अभियान नहीं चलाया जाता। -पुनीत गर्ग
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जेडएसओ ने अतिक्रमण हटवाने के लिए गुरुवार को जेसीबी मंगाई थी। आगे भी जहां-जहां अवैध अतिक्रमण है, उसे अभियान चलाकर हटाया जाएगा। नालियों को कब्जा मुक्त कराया जाएगा, जिससे सफाई हो सके। -अतुल पांडेय, अधिशासी अभियंता, जोन-5, नगर निगम