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छठवीं से आठवीं तक के स्कूल खुले, 11 महीने बाद साथियों से मिल चहके छात्र, बैंड-बाजा, फूल बरसाकर हुआ छात्रों का स्वागत
Wed, 10 Feb 2021 10:23 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 10 Feb 2021 10:23 PM IST
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छठवीं से आठवीं तक के स्कूल खुले
- फोटो : अमर उजाला
याद है मार्च 2019 में स्कूल बंद हुआ था, पूरे 11 महीने बाद एक दूसरे को फेस टू फेस देख पा रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि न जाने कितना समय हो गया। शीलिंग हाउस स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा हर्षिता सहेली से मिली तो चहकते हुए यह बोल पड़ी।
फूल बरसाकर हुआ छात्रों का स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
थर्मल स्कैनिंग, ऑक्सीमीटर के अलावा सैनिटाइजेशन मशीन से सैनिटाइज करने के अलावा कई स्कूलों ने ढोल नगाड़ोें के साथ उनका स्वागत किया। किसी ने चंदन का टीका लगाकर माला पहनाई तो किसी ने छात्रों के ऊपर फूल बरसाए।
लंबे समय बाद छात्र मिले जरूर लेकिन सख्त कोविड प्रोटोकॉल की वजह से दूर से ही अपने साथियों को देख पाए। छात्रों ने बताया कि स्कूल तो आ गए पर दोस्तों के साथ मस्ती, एक साथ लंच, स्पोर्ट्स खेलना, ग्रुप स्टडीज, टीचर से बातचीत.....बहुत कुछ मिस किया।
लंबे समय बाद छात्र मिले जरूर लेकिन सख्त कोविड प्रोटोकॉल की वजह से दूर से ही अपने साथियों को देख पाए। छात्रों ने बताया कि स्कूल तो आ गए पर दोस्तों के साथ मस्ती, एक साथ लंच, स्पोर्ट्स खेलना, ग्रुप स्टडीज, टीचर से बातचीत.....बहुत कुछ मिस किया।
छठवीं से आठवीं तक के स्कूल खुले
- फोटो : अमर उजाला
शीलिंग हाउस स्कूल
कक्षा आठ के ही बच्चों को बुलाया गया। सभी बच्चे मास्क में थे। प्रवेश के बाद सभी को ग्राउंड पर उचित दूरी पर बैठाया गया। इसके बाद जमीन पर बने गोलों पर 10-10 बच्चों को खड़ा कर उनकी थर्मल स्कैनिंग, ऑक्सीजन की चेकिंग और सैनिटाइजेशन किया गया। इसके बाद ही उनको प्रवेश दिया गया। प्रिंसिपल वनिता मेहरोत्रा ने बताया कि स्कूल में पहले दिन आठवीं कक्षा के छात्रों की उपस्थिति कम रही है, लेकिन दो-चार दिन में संख्या में इजाफा होगा।
ओंकारेश्वर सरस्वती स्कूल
ओंकारेश्वर सरस्वती स्कूल में भी आठवीं कक्षा के एक सेक्शन के बच्चों को बुलाया गया। सभी के हाथ सैनिटाइज कराए गए। लंच के दौरान किसी को बाहर जाने की अनुमति नहीं मिली। बच्चे काफी खुश नजर आए। प्रधानाचार्य राम मिलन सिंह ने कहा कि पहले दिन बच्चों के अनुभव जानने के बाद उनको लिखने की प्रैक्टिस कराई गई।
कक्षा आठ के ही बच्चों को बुलाया गया। सभी बच्चे मास्क में थे। प्रवेश के बाद सभी को ग्राउंड पर उचित दूरी पर बैठाया गया। इसके बाद जमीन पर बने गोलों पर 10-10 बच्चों को खड़ा कर उनकी थर्मल स्कैनिंग, ऑक्सीजन की चेकिंग और सैनिटाइजेशन किया गया। इसके बाद ही उनको प्रवेश दिया गया। प्रिंसिपल वनिता मेहरोत्रा ने बताया कि स्कूल में पहले दिन आठवीं कक्षा के छात्रों की उपस्थिति कम रही है, लेकिन दो-चार दिन में संख्या में इजाफा होगा।
ओंकारेश्वर सरस्वती स्कूल
ओंकारेश्वर सरस्वती स्कूल में भी आठवीं कक्षा के एक सेक्शन के बच्चों को बुलाया गया। सभी के हाथ सैनिटाइज कराए गए। लंच के दौरान किसी को बाहर जाने की अनुमति नहीं मिली। बच्चे काफी खुश नजर आए। प्रधानाचार्य राम मिलन सिंह ने कहा कि पहले दिन बच्चों के अनुभव जानने के बाद उनको लिखने की प्रैक्टिस कराई गई।
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बैंड-बाजा से हुआ छात्रों का स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
आरएस पब्लिक स्कूल
कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद स्कूल आए छात्र छात्राओं का बैंड बाजे से स्वागत किया गया। सीनियर छात्रों ने बच्चों की आरती उतारी और चंदन का टीका लगाया। शिक्षकों को सामने देख बच्चे भावुक भी हुए। निदेशक अनिकेत मिश्रा ने बताया कि धीरे धीरे छात्र संख्या बढ़ेगी।
कर्मयोगी इंटर कॉलेज
पहले दिन स्कूल पहुंचे बच्चों पर फूल बरसाए गए। स्वागत से बच्चे भाव विभोर हो गए। राइजिंग वूमेन फाउंडेशन की अध्यक्ष एकता केसरवानी ने बच्चों को मास्क दिए। प्रबंधक रवीश द्विवेदी ने कहा कि स्कूल और कक्षाओं में कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद स्कूल आए छात्र छात्राओं का बैंड बाजे से स्वागत किया गया। सीनियर छात्रों ने बच्चों की आरती उतारी और चंदन का टीका लगाया। शिक्षकों को सामने देख बच्चे भावुक भी हुए। निदेशक अनिकेत मिश्रा ने बताया कि धीरे धीरे छात्र संख्या बढ़ेगी।
कर्मयोगी इंटर कॉलेज
पहले दिन स्कूल पहुंचे बच्चों पर फूल बरसाए गए। स्वागत से बच्चे भाव विभोर हो गए। राइजिंग वूमेन फाउंडेशन की अध्यक्ष एकता केसरवानी ने बच्चों को मास्क दिए। प्रबंधक रवीश द्विवेदी ने कहा कि स्कूल और कक्षाओं में कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
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छठवीं से आठवीं तक के स्कूल खुले
- फोटो : अमर उजाला
बोले बच्चे
ऐसा लग रहा था कि पहली बार स्कूल के लिए तैयार हो रही हूं। स्कूल, दोस्तों, टीचर्स सभी को बहुत मिस किया है। अब दोबारा कभी ऐसा न हो तो बेहतर है। - काशवी श्रीवास्तव, शीलिंग हाउस स्कूल
ऑफलाइन पढ़ाई को मिस किया। ऑनलाइन पढ़ाई में उतना मजा नहीं है, जितना ऑफलाइन में आता है। ऑफलाइन स्पोर्ट्स, एक्टिविटी, कंपटीशन मिस किए। - पार्थ सारथी शुक्ला, शीलिंग हाउस स्कूल
मार्च 2020 के बाद आज स्कूल आई हूं। ऑनलाइन क्लासेज चल रही थीं, लेकिन ऑफलाइन क्लासेज को मिस किया। स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए दोस्तों से मिली हूं। शिक्षकों से मिलकर बहुत अच्छा लगा। - अनिका शुक्ला, डीपीएस कल्याणपुर
11 महीने बाद स्कूल आया हूं। बहुत अच्छा लग रहा है। घर पर बोर होते थे। मास्टर जी से मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है। अपनी पुरानी क्लास को देखकर बहुत अच्छा लगा। - अंशु कुमार, डीपीएस नगर निगम इंटर कॉलेज, नवाबगंज
ऐसा लग रहा था कि पहली बार स्कूल के लिए तैयार हो रही हूं। स्कूल, दोस्तों, टीचर्स सभी को बहुत मिस किया है। अब दोबारा कभी ऐसा न हो तो बेहतर है। - काशवी श्रीवास्तव, शीलिंग हाउस स्कूल
ऑफलाइन पढ़ाई को मिस किया। ऑनलाइन पढ़ाई में उतना मजा नहीं है, जितना ऑफलाइन में आता है। ऑफलाइन स्पोर्ट्स, एक्टिविटी, कंपटीशन मिस किए। - पार्थ सारथी शुक्ला, शीलिंग हाउस स्कूल
मार्च 2020 के बाद आज स्कूल आई हूं। ऑनलाइन क्लासेज चल रही थीं, लेकिन ऑफलाइन क्लासेज को मिस किया। स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए दोस्तों से मिली हूं। शिक्षकों से मिलकर बहुत अच्छा लगा। - अनिका शुक्ला, डीपीएस कल्याणपुर
11 महीने बाद स्कूल आया हूं। बहुत अच्छा लग रहा है। घर पर बोर होते थे। मास्टर जी से मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है। अपनी पुरानी क्लास को देखकर बहुत अच्छा लगा। - अंशु कुमार, डीपीएस नगर निगम इंटर कॉलेज, नवाबगंज