दो दिन से परेशान चित्रकूट पुलिस के लिए मंगलवार का दिन राहत भरी खबर लेकर आया। जिले के देउरा बरदहा नाले के पास मिला शव 50 हजार के इनामी डाकू छोटू कोल का ही है। उसके पिता व भाई ने मोबाइल पर घटनास्थल की तस्वीरें देखकर इसकी तस्दीक की। डाकू छोटू पर एक दर्जन हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, ट्रेन में लूट और जेल से फरार होने के मामले दर्ज हैं। पुलिस इसे गैंगवार में मारे जाने की बात कह रही है।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- गोली उसके सिर में मारी गई...
2 of 5
शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम हाउस में बैठी डाकू छोटू की बहन व अन्य परिजन
रविवार तड़के मऊ थानाक्षेत्र के देउरा गांव के बरदहा नाले के पास अज्ञात युवक का शव मिला था। जिसके हाथ में अनिल व दूसरे हाथ में भगवान बजरंगबली की तस्वीर गुदी थी। गोली उसके सिर में मारकर हत्या की गई थी। मौके पर गोली का खोखा भी बरामद हुआ था। जिसकी पुलिस व ग्रामीण पहचान नहीं कर पा रहे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उसी दिन से अमर उजाला ने इसे इनामी डाकू छोटू कोल होने की संभावना जताई थी। जिसे पुलिस अधिकारियों ने भी दबी जुबान माना था लेकिन सोमवार डाकू के परिजनों ने शव को देखकर शिनाख्त से इंकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने की बात कही थी।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- 15 साल पहले गांव से भाग गया था...
3 of 5
शिनाख्त के बाद जानकारी देता डाकू छोेटू कोल का पिता नंदा कोल व भाई बलराम
आखिरकार मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे डाकू छोटू के पिता मानिकपुर थानाक्षेत्र के चमरौंहा निवासी नंदा कोल व उसके भाई बलराम, विधाता व कल्लू ने माना कि मृतक छोटू कोल है। जो गांव से लगभग 15 साल पहले से भाग गया था तब से लौटकर नहीं आया। मोबाइल में घटनास्थल की फोटो देखकर परिजनों ने इसकी पुष्टि की। उसके पिता ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने शव दिखाया था जो धूप में काला पड़ गया था और उसका चेहरा भी गोली लगने से उड़ गया था जिससे पहचान नहीं पाए थे। मोेबाइल में मृतक के हाेंठ व उसके नीचे का हिस्सा देखकर शिनाख्त की गई है।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- 50 हजार की इनाम और कई मामले हैं दर्ज...
4 of 5
50 हजार का इनामी व 12 मामले थे दर्ज
इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने शव का मुख्यालय के ही नदी किनारे घाट पर पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने बताया कि आपसी गैंगवार में छोटू कोल के मारे जाने की संभावना है। इस पर 50 हजार का इनाम था और एक दर्जन मामले दर्ज हैं। यह कई बड़े गैंग में रह चुका था। कुछ माह पूर्व यह मुंबई भागकर गया था और वहीं मजदूरी करता था।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- आखिर डाकू की मौत पर क्यों उठ रहे सवाल...
50 हजार के ईनामी डाकू छोटू कोल के मारे जाने की पुष्टि के बाद से कई सवाल अभी भी सामने हैं। उसके हाथ में अनिल हिंदी व अंग्रेजी से गुदा था जबकि उसका इस नाम से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं था। उसके पिता नंदा कोल ने बताया कि छोटू का विवाह नहीं हुआ था। उसके किसी दोस्त का नाम भी अनिल नहीं है। उसके एक हाथ की उंगली टेढ़ी थी लेकिन बरामद शव के हाथ की सभी उंगलियां सीधी थी। जिसके सहारे परिजनों ने सोमवार को पहचान नहीं की थी। आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक दिन बाद परिजनों ने पुलिस के सामने आकर उसकी शिनाख्त कर दी। इस मामले में मऊ थानाध्यक्ष संत शरण ने बताया कि संभावना है कि डाकू ने दूसरों को धोखा देने के लिए अनिल नाम गुदवाया हो। उंगली टेढी होने के मामले में कोई जवाब नहीं दिया। पहले ही दिन से यह बात सामने आई कि इसे मारने के बाद किसी ने पुलिस अधिकारी को फोन कर बताया था कि डाकू छोटवा को मार दिया है उसका इनाम चाहिए। इसके बाद वह युवक पुलिस के पास पहुंचा भी लेकिन एसपी इससे इंकार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस मुखबिर ने ही उसे मार कर सूचना दी थी। चित्रकूट देउरा के चौकीदार नत्थू की तहरीर पर डाकू छोटू कोल की हत्या की रिपोर्ट मऊ थाने में दर्ज की गई है।