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"खूंखार डाकू के खतरनाक असलहे", पुलिस के लिए लकी साबित हुआ जुलाई-अगस्त, ऐसे खुला राज
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 02 Aug 2018 09:03 AM IST
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पकड़ा गया डाकू कामता प्रजापति व बरामद सामग्री
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के चित्रकूट जिले में पुलिस के लिए एक बार फिर जुलाई-अगस्त का महीना लकी साबित हुआ। पुलिस रिकार्ड में दर्ज डाकू गोप्पा गैंग के फायर पावर से ज्यादा सामग्री बरामद हुई है। रायफल और कारतूस के अलावा बंदूक तमंचा की बात तो सही निकली लेकिन हैंड ग्रेनेड होने का अनुमान किसी को नहीं था। इस गैंग का फायर पावर एक के बाद एक को हैंडओवर होता रहा है।
पकड़ा गया डाकू कामता प्रजापति व बरामद सामग्री
- फोटो : अमर उजाला
यह राज 23 फरवरी को इस गैंग के एक सदस्य के पकड़े जाने पर खुला था तब पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कंकाल बरामद किया था। तब से असलहे लेकर महेंद्र पासी नया गैंग बनाकर वारदात करता रहा। पांच जुलाई को इलाहाबाद के फूलपुर में पुलिस मुठभेड़ में महेंद्र पासी मारा गया था। बताया जाता है कि उस समय डकैत कामता प्रजापति भी उसके साथ था। वह पुलिस की नजर बचाकर गैंग के असलहे लेकर भाग आया था। वहीं असलहे घर में छिपाकर रखे गए थे। गैंग के ज्यादातर सदस्य खत्म होने के कारण कामता गांव में ही रहने लगा था। इस पर कोई मामला दर्ज नहीं था, जिससे लोगों को शक भी नहीं था।
बरामद असलहे व कारतूस
- फोटो : अमर उजाला
गोप्पा या महेंद्र पासी गैंग का खात्मा!
किसी भी डाकू गैंग की ताकत उसका फायर पावर माना जाता है। इस गैंग का 90 प्रतिशत से ज्यादा फायर पावर पकड़े जाने के बाद पूरी संभावना है कि अब यह गैंग खत्म हो गया है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने भी माना कि गैंग के तीन प्रमुख गोप्पा, रजउआ व महेंद्र के जाने के बाद कई और नामजद सदस्य या तो मारे जा चुके हैं या फिर जेल में हैं। मुख्य असलहे भी बरामद हो गए हैं जिससे यह पूरी संभावना है कि गोप्पा गैंग पूरी तरह खत्म हो गया है। इक्का दुक्का सदस्य अभी फरार हैं जिनको जल्द पकड़ा जाएगा।
किसी भी डाकू गैंग की ताकत उसका फायर पावर माना जाता है। इस गैंग का 90 प्रतिशत से ज्यादा फायर पावर पकड़े जाने के बाद पूरी संभावना है कि अब यह गैंग खत्म हो गया है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने भी माना कि गैंग के तीन प्रमुख गोप्पा, रजउआ व महेंद्र के जाने के बाद कई और नामजद सदस्य या तो मारे जा चुके हैं या फिर जेल में हैं। मुख्य असलहे भी बरामद हो गए हैं जिससे यह पूरी संभावना है कि गोप्पा गैंग पूरी तरह खत्म हो गया है। इक्का दुक्का सदस्य अभी फरार हैं जिनको जल्द पकड़ा जाएगा।
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बरामद कारतूस
- फोटो : अमर उजाला
कैसे कामता तक पहुंची पुलिस
गोप्पा या महेंद्र पासी गैंग का सदस्य कामता प्रजापति पर कोई मामला दर्ज नहीं था और इसका नाम पुलिस की लिस्ट में पहले नहीं था। सवाल उठता है कि आखिर इस तक पुलिस कैसे पहुंची। पांच जुलाई को गैंग सरगना महेंद्र पासी उर्फ धोनी के इलाहाबाद में मारे जाने के दौरान पता चला था कि उसके साथ दो अन्य लोग थे। जो पुलिस की गिरफ्त से बचकर असलहे लेकर भागने में सफल हुए थे। बस यही पता लगाने के लिए चित्रकूट पुलिस जुटी थी। स्वाट टीम, सर्विलांस व एंटी डकैती टीम इस दिशा में लगातार काम कर रही थी। जिसमें कई लोगोें के साथ कामता का भी नाम सामने आया। लगभग एक माह के प्रयास के बाद पुलिस को सफलता मिल गई।
ये असलहे हुए बरामद
रैपुरा थानाक्षेत्र के कौबरा में पुलिस मुठभेड़ के बाद बरामद सामग्री में एक थर्टी स्प्रिंग फैैक्ट्रीमेड रायफल, एक 303 बोर रायफल, एक दोनाली बंदूक, 49 जिंदा थर्टी स्प्रिंग कारतूस, 80 जिंदा 12 बोर कारतूस, 6 जिंदा 303 बोर कारतूस, एक खोखा कारतूस 303 बोर और दो हैंड ग्रेनेड पिन व दो फ्यूज लगा हुआ। इस बरामदगी में स्वाट टीम प्रभारी के साथ सरैंया चौकी प्रभारी दिनेश सिंह, रैपुरा थानाध्यक्ष सुभाष चौरसिया, आकाश मलिक, मुदित सचान, आशीष यादव, अरविंद साहनी व सर्वेश कुमार शामिल रहे।
गोप्पा या महेंद्र पासी गैंग का सदस्य कामता प्रजापति पर कोई मामला दर्ज नहीं था और इसका नाम पुलिस की लिस्ट में पहले नहीं था। सवाल उठता है कि आखिर इस तक पुलिस कैसे पहुंची। पांच जुलाई को गैंग सरगना महेंद्र पासी उर्फ धोनी के इलाहाबाद में मारे जाने के दौरान पता चला था कि उसके साथ दो अन्य लोग थे। जो पुलिस की गिरफ्त से बचकर असलहे लेकर भागने में सफल हुए थे। बस यही पता लगाने के लिए चित्रकूट पुलिस जुटी थी। स्वाट टीम, सर्विलांस व एंटी डकैती टीम इस दिशा में लगातार काम कर रही थी। जिसमें कई लोगोें के साथ कामता का भी नाम सामने आया। लगभग एक माह के प्रयास के बाद पुलिस को सफलता मिल गई।
ये असलहे हुए बरामद
रैपुरा थानाक्षेत्र के कौबरा में पुलिस मुठभेड़ के बाद बरामद सामग्री में एक थर्टी स्प्रिंग फैैक्ट्रीमेड रायफल, एक 303 बोर रायफल, एक दोनाली बंदूक, 49 जिंदा थर्टी स्प्रिंग कारतूस, 80 जिंदा 12 बोर कारतूस, 6 जिंदा 303 बोर कारतूस, एक खोखा कारतूस 303 बोर और दो हैंड ग्रेनेड पिन व दो फ्यूज लगा हुआ। इस बरामदगी में स्वाट टीम प्रभारी के साथ सरैंया चौकी प्रभारी दिनेश सिंह, रैपुरा थानाध्यक्ष सुभाष चौरसिया, आकाश मलिक, मुदित सचान, आशीष यादव, अरविंद साहनी व सर्वेश कुमार शामिल रहे।