कड़ाके की ठंड में बेटों ने अपनी मानसिक बीमार 90 साल की बूढ़ी मां के हाथ बांधकर घर के बाहर खड़ा कर दिया। फटे पुराने कपड़ों में कांप रही वृद्धा पर एसडीएम सदर की नजर पड़ी तो उन्होंने जानकारी की। इसके बाद उन्होंने पुलिस बुलाई और वृद्धा से अमानवीय व्यवहार करने वाले दोनों बेटों को गिरफ्तार करा दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। दिल को झकझोर देने वाली ये घटना यूपी के उन्नाव जिले की है। जिस शख्स ने इस दर्दनाक मंजर को देख वो सिहर उठा।
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- फोटो : अमर उजाला
सदर एसडीएम पूजा अग्निहोत्री शुक्रवार शाम को अजगैन थाना क्षेत्र के गांव जमुका के मजरा कुईथर में अग्नि पीड़ित चार मुस्लिम परिवारों को अहेतुक सहायता देने गई थीं। वापस लौटते समय उन्होंने कुईथर गांव के रास्ते में एक 90 साल की वृद्धा को खड़े देखा।
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ठंड से कांप रही वृद्धा को कंबल देने के लिए वह उनके पास पहुंची तो दाहिना हाथ कपड़े से बल्ली में बंधा देखा। लोगों ने बताया कि वृद्धा का नाम कलावती पत्नी स्व. नन्हकू है। मानसिक बीमार होने से वह दूसरे हांथ से अपना हाथ खोल भी नहीं पा रही थी। बल्ली(लकड़ी) से सिर टकराने से उनके कान से खून भी निकल रहा था।
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एसडीएम ने उनके घरवालों को बुलाया तो बेटा पुत्तीलाल लोधी और संतोष लोधी पहुंचे। उन्होंने एसडीएम को बताया कि उनकी मां मानसिक रूप से बीमार हैं। वह इधर-उधर चली जाती हैं। एसडीएम ने फटकार लगाई कि अगर ऐसा था उन्हें किसी कमरे में चारपाई दे देते। रजाई-कंबल ओढ़ाते या आग जलाकर सेंक देते।
एसडीएम ने अपने सामने घर का कमरा खुलवाया और बिस्तर लगाकर वृद्धा को चारपाई पर लेटाया। कुछ ही देर में वृद्धा गहरी नींद में सो गई। एसडीएम के निर्देश पर अजगैन थाना पुलिस ने वृद्धा के साथ अमानवीय व्यहार करने वाले उसके दोनों बेटों को गिरफ्तार कर लिया। एसओ अनिल सिंह ने बताया कि दोनों मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।