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रेलवे ग्रुप-डी परीक्षा में सॉल्वर गैंग का खुलासा, 4.50 लाख मेें तय होता था सौदा

Wed, 31 Oct 2018 08:32 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 31 Oct 2018 08:32 AM IST
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Solver gang disclosure in the Railway Group D exam
डेमो पिक
रेलवे ग्रुप-डी परीक्षा में सॉल्वर बैठाने वाले गैंग का खुलासा हुआ है। यूपी एसटीएफ ने मंगलवार को कानपुर में बिठूर के एक परीक्षा केंद्र से एक अभ्यर्थी और सॉल्वर को गिरफ्तार कर बिठूर पुलिस को सौंप दिया है। सॉल्वर पटना में आयकर विभाग का कर्मचारी है। यह गैंग प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र भी आउट कराता है। गैंग का सरगना रेलवे कर्मी शैलेंद्र कुमार और उसके साथियों की तलाश की जा रही है। मंगलवार को रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में सॉल्वरों को बैठाने की सूचना पर प्रदेश भर के एसटीएफ अफसरों को अलर्ट किया गया था।

 

Solver gang disclosure in the Railway Group D exam
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इस पर एसटीएफ के स्थानीय इकाई के इंस्पेक्टर घनश्याम यादव ने टीम के साथ मंधना, बिठूर के एक सेंटर पर छापा मारकर सॉल्वर कौशल किशोर मंडल और अभ्यर्थी विनय यादव को धर दबोचा। इंस्पेक्टर के मुताबिक कौशल किशोर अरवल, बिहार के दनीयाला और विनय कुमार जहानाबाद, बिहार के मझनपुरा सुंरगापुर का रहने वाला है। कौशल पटना में आयकर विभाग में नौकरी करता है।

Solver gang disclosure in the Railway Group D exam
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आरोपियों से दो मोबाइल फोन, एक फर्जी वोटर आईडी, दो एडिमट कार्ड, कौशल का आयकर विभाग का आईकार्ड, पूर्व मध्य रेलवे का आईकार्ड, दो आधार और दो एटीएम कार्ड के साथ ही 3560 रुपये बरामद हुए हैं। गैंग का सरगना भगवानगंज, पटना के खरौना निवासी शैलेंद्र कुमार है। वह रांची रोड के बरकाकाना रेलवे स्टेशन का गेट मैन है।

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4.50 लाख मेें तय था सौदा
एसटीएफ अफसरों के मुताबिक विनय की जगह सॉल्वर बैठाने के लिए सरगना शैलेंद्र से 4.50 लाख रुपये में सौदा हुआ था। सॉल्वर कौशल किशोर विनय यादव के नाम से परीक्षा दे रहा था। अभ्यर्थी विनय यादव विनय कुमार के नाम से परीक्षा दे रहा था।

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सॉल्वर का कहना है कि बॉयोमैट्रिक और आंसर शीट में अलग-अलग नाम और रोल नंबर नहीं होने से उसके फंसने की संभावना कम थी। इसके बावजूद एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए। कौशल किशोर यूपी, एमपी और बिहार समेत कई प्रांतों में दूसरे की जगह परीक्षा दे चुका है।

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