यूपीः इटावा की सनसनीखेज 4 हत्याओं से लें सबक, जरा संभलकर करें दोस्ती!
- बदला लेने को दोस्त ने कराई मां-बेटियों की हत्या
- कांशीराम कालोनी का चौहरा हत्याकांड: दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टर माइंड अभी फरार
पुलिस का दावा है कि मृतक महिला से मार खाए उसके पति के दोस्त ने ही अपमान का बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिलाया। उसने जिन दो लोगों को साजिश में शामिल किया, उनमें से एक को ढाई लाख रुपये कर्ज दे रखा था। हत्या करने पर कर्ज माफ करने का वादा किया था। पुलिस ने इन्हीं दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस लाइन सभागार में बुधवार को एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि चार हत्याओं के खुलासे के लिए सोमवार रात ही दो टीमें लगा दी गई थीं। टीम ने कालोनी के ही संदिग्ध सोनू पुत्र जगन्नाथ व रवि उर्फ पन्नू पुत्र श्रीकृष्ण उर्फ कन्हैया को पकड़ा। रवि मूल रूप से जौटई पोरसा जिला मुरैना का रहने वाला है। पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- तुलसी को जिंदा ही फेंक दिया...
रवि और सोनू ने बताया कि नेहा की गला दबाकर हत्या की गई थी। बच्चियां किसी को कुछ बता न दें, इसलिए नंदो व कल्लो को भी गला दबाकर मार डाला और छत से नीचे फेंक दिया। तुलसी को जिंदा ही फेंका। उसके सिर में चोट आई और उसने दम तोड़ दिया। दोनोें आरोपियों ने कांशीराम कालोनी के ब्लॉक 19 में रहने वाले राजकुमार उर्फ अन्ना को हत्याकांड का मास्टर माइंड बताया। राजकुमार भी छोटेलाल के गांव भरथना के कुंअरा का रहने वाला है। एसएसपी ने बताया कि छोटेलाल और राजकुमार दोनों जेबकतरे थे। घटना वाली रात छोटेलाल अपने साथी के साथ जेब काटने टूंडला गया था। किसी को शक न हो इसके लिए राजकुमार भी साथ चला गया था। मंगलवार सुबह ही फरक्का एक्सप्रेस से लौटा था। एसएसपी के मुताबिक उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई लगाई गई हैं। पुरस्कार भी घोषित किया जा रहा है।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- नेहा पर अपना अधिकार समझता था मास्टर माइंड ....
एसएसपी ने बताया कि छोटेलाल को जब टीबी हुई तो राजकुमार उसके घर ज्यादा आने-जाने लगा। वह छोटेलाल की आर्थिक मदद भी करता। यही वजह थी कि छोटेलाल और नेहा पर अपना अधिकार समझने लगा। नेहा को किसी और से बात करते देखता तो विरोध करता। 15 दिन पहले छोटेलाल और राजकुमार में इसी बात पर झगड़ा हुआ। तब नेहा ने पड़ोसियों की मदद से राजकुमार की पिटाई कर दी थी। अपने इसी अपमान का बदला लेने के लिए ही उसने साजिश रची। इसमें सोनू और रवि को भी शामिल किया। रवि व सोनू गांजे व शराब के लती थे। राजकुमार ने सोनू को ढाई लाख रुपये कर्ज माफ करने का लालच दिया। सोनू ने यह कर्ज अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए लिया था।
जानिए क्या था पूरा मामला...