कालाधन सफेद करने वालों की धड़ाधड़ पोल खुलती जा रही है। आयकर विभाग की छापेमारी में देशभर में करोड़ों का कालाधन पकड़ा जा चुका है। एक नेशनल रैकेट की तरह कमीशन लेकर नोट बदलने वाले कानपुर के मनटोरा ग्रुप को रंगे हाथों पकड़ा गया है। मनटोरा ग्रुप के घंटाघर स्थित बावर्ची वनस्पति के डिपो और माल रोड सिटी सेंटर स्थित ऑफिस पर छापा पड़ा था। आयकर के डिप्टी डायरेक्टर वेद प्रकाश, असिस्टेंट डायरेक्टर केके मिश्रा, सौरभ आनंद की टीम ने डिपो में 20 लाख से ज्यादा के दो हजार के नए नोट व एक करोड़ के पुराने नोट बरामद किए थे। आगे पढ़ें मनटोरा ग्रुप ऐसे करता था कालाधान सफेद....
मामला उम्मीद से बढ़कर निकला
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मुंह छुपाकर खड़े मनटोरा ग्रुप के अधिकारी
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मंटोरा ग्रुप के संचालकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से 18 पर्सेंट कमीशन लेकर कालाधन सफेद करने का मामला उम्मीद से बढ़कर निकला। नोटबंदी के बाद से अब तक ग्रुप की ओर से करीब 10 करोड़ रुपये का कालाधन सफेद किया गया। यह जानकारी आयकर विभाग की शुरुआती जांच में सामने आई है। यह रकम और भी बढ़ सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर अधिकारियों ने प्रवर्तन निदेशालय को इसकी सूचना दे दी है।
मनटोरा ग्रुप के एमडी जगदीश गुप्ता से हो रही पूछताछ
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कानपुर में पकड़ी गई नई करेंसी
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कालाधन सफेद करने के मामले में मंटोरा ग्रुप के पांच ठिकानों पर बुधवार देर रात हुई आयकर विभाग की छापेमारी गुरुवार को भी पूरा दिन जारी रही। आयकर की कई टीमों ने गुरुवार को कोलकाता स्थित फर्म के रजिस्टर्ड कार्यालय और कानपुर के बिरहाना रोड स्थित कारपोरेट ऑफिस में छापेमारी की। यहां से लेनदेन से संबंधित एक डायरी मिली है। इसमें लिखे कुछ नाम और सूचनाएं संदेह के दायरे में हैं। इस पर अधिकारियों ने मंटोरा ग्रुप के एमडी जगदीश गुप्ता, उनके बेटे और संचालक मंडल के सदस्यों से पूछताछ की है।
टेलीकॉम कंपनियों से मांगी कॉल डिटेल रिपोर्ट
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20 लाख से ज्यादा के नई करेंसी के नोट पकड़े गए
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सूत्र बताते हैं कि ग्रुप से जुड़े सभी प्रमुख लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट टेलीकॉम कंपनियों से मांगी गई है। आयकर अधिकारी पता लगाएंगे कि नोटबंदी के बाद किन किन लोगों ने कितनी बार इनसे बातचीत की। सभी के मोबाइल जब्त कर लिए गए हैं। मोबाइलों से बड़ी संख्या में संदिग्ध मैसेज भी मिले हैं जिनकी छानबीन की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि संदिग्ध सूचनाओं के आधार पर पता चला है कि कारोबारी ग्रुप ने नेताओं के गठजोड़ के साथ अब तक करीब 10 करोड़ रुपये (हजार व पांच सौ के नोट) का कालाधन सफेद किया है।
बोगस खरीदारी दिखाकर करते थे जमा
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नये और पुराने नोट जब्द करती आयकर विभाग की टीम
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विभागीय सूत्र बताते हैं कि नए नोटों के बदले आ रहे पुराने हजार व पांच सौ के नोटों को ग्रुप की ओर से बोगस खरीदारी दिखाकर बैंकों में जमा किया जा रहा था। इसके लिए बाकयदा खाता भी मेंटेंन किया जा रहा था। सूत्र बताते हैं कि यदि कारोबारी रंगे हाथों न पकड़े जाते तो बैंकों में जमा हुई रकम के जरिये इस खेल को पकड़ना आसान नहीं होता।