{"_id":"5ac9bb794f1c1bc2618b640f","slug":"man-sold-her-14-old-niece","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"चंद रुपयाें के लालच में चाचा ने भतीजी काे बेचा, दाे साल बाद यूं मिले परिजन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चंद रुपयाें के लालच में चाचा ने भतीजी काे बेचा, दाे साल बाद यूं मिले परिजन
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 08 Apr 2018 12:19 PM IST
विज्ञापन
डेमाे पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंद रुपयाें के लालच में चाचा ने रिश्ताें काे कलंकित कर दिया। अपनी भतीजी काे बेच कर उसने परिजनाें काे उसके लापता हाेने की जानकारी दी। दाे साल बाद किसी तरह शहर पहुंची किशाेरी काे उसके परिजनाें ने देख लिया। इसके बाद थाने में घंटाे हाई वाेल्टेज ड्रामा चलता रह।
डेमाे पिक
घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की 14 वर्षीय किशोरी दो वर्ष पहले अपने चाचा के साथ बिलासपुर (झारखंड) में काम करने गई थी। वहीं से हमीरपुर के गोहाण्ड (राठ) निवासी एक युवक ने बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया। इसके बाद बीते दिनों उसने उक्त किशोरी को 40 हजार रुपये में कानपुर देहात के एक शख्स के हाथों बेच दिया। शनिवार को खरीददार किशोरी को वाया घाटमपुर से होकर अपने गांव लेकर जा रहे थे।
डेमाे पिक
तभी कस्बा स्थित सीएचसी के सामने अचानक किशोरी को उसका फूफा दिखा गया तो उसने शोर मचा दिया। वहां मौजूद लोग भी पहुंच गए और किशोरी एवं उसको ले जा रहे लोगों को घेर लिया। सभी को कोतवाली लाया गया जहां दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी थी। कोतवाली में किशोरी ने बताया कि दो वर्ष पहले गोहाण्ड (राठ) निवासी राजू जारिया नाम का युवक उसे बहला-फुसलाकर ले गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
डेमाे पिक
बताया कि राजू जारिया भी बिलासपुर में उसके साथ ही काम करता था। बताया कि इसके बाद उसने 40 हजार रुपये में उसको अपने दूर के रिश्तेदार ग्राम बम्हरौली, मूसानगर (कानपुर देहात) निवासी को बेच दिया। शनिवार को खरीददार राजेंद्र अपने दोनों बेटों सुरेश और विनोद के साथ किशोरी को लेकर गांव लौट रहा था। तभी, घाटमपुर में किशोरी का फूफा दिख गया और वह बरामद कर ली गई।