आयकर का छापा न पड़ता तो किसी को मांस निर्यातक सलीम कुरैशी की हैसियत का अंदाजा न होता। शहर का यह गुमनाम सा कारोबारी अरबों की संपत्ति का मालिक निकला। आयकर अफसरों ने इनके कारोबार की हैसियत एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की आंकी है। कारोबार का सही टर्नओवर जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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'गुमनाम कारोबारी' निकला अरबों का मालिक
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 11 Jan 2018 03:21 PM IST
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सलीम कुरैशी मूलत: कानपुर के कारोबारी नहीं हैं
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सलीम कुरैशी मूलत: कानपुर के कारोबारी नहीं हैं। इनके पिता हाजी गुलाम कुरैशी छिबरामऊ के रहने वाले थे। शुरुआत में इनका कारोबार कानपुर के जाजमऊ एरिया से ही होता था। ये चमड़ा कारोबारियों को कच्चे चमड़े की सप्लाई करते थे। पिता के कारोबार को नई ऊंचाई देेने के लिए सलीम कुरैशी ने करीब 12 साल पहले कानपुर-उन्नाव बार्डर पर स्लॉटर हाउस खोला।
उन्नाव में हैं कई स्लॉटर हाउस
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इस फर्म का नाम रुस्तम रखा। इसके बाद कुछ और स्लॉटर हाउस में अपनी हिस्सेदारी बनाई। इस तरह से कानपुर और उन्नाव में इनके कई स्लॉटर हाउस हैं। इन स्लॉटर हाउस में जानवरों की कटान होती है। इनके साथ ही मीट प्रोसेसिंग यूनिट भी स्थापित की। इन यूनिटों में मांस को निर्यात करने लायक तैयार किया जाता है।
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दर्जन भर देशों में फैला है कुरैशी का कारोबार
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कारोबारी सूत्र बताते हैं कि सलीम कुरैशी का कारोबार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत दर्जन भर देशों में फैला है। इन देशों में हर तरह के मांस की सप्लाई होती है। कुल कारोबार का 20 फीसदी माल ही देश में सप्लाई होता है। इतना बड़ा कारोबार होने के बावजूद इनके रहन सहन से कोई इनकी हैसियत का अंदाजा नहीं लगा पाता था।
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लखनऊ, मुंबई में आलीशान मकान
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मांस निर्यातक सलीम कुरैशी का परिवार अब लखनऊ शिफ्ट हो गया है। कानपुर में पारिवारिक सदस्य ही रहते हैं। लखनऊ के कैसरबाग स्थित कोठी की कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। इसी तरह इन्होंने नवी मुंबई में भी बेशकीमती रिहायशी ठिकाना बनाया है। आयकर अफसरों को आशंका है कि कारोबारी के पास बेनामी संपत्ति भी है लेकिन वह अभी तक सामने नहीं आई है। इसकी गहन जांच चल रही है। विदेश में भी संपत्ति खरीदे जाने की बात सामने आ रही है।