यूपी के हमीरपुर में एक दुल्हन मेहंदी लगाए सारी रात दूल्हे का आने का इंतजार करती रही। घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया। परिवार की सहमति से दोनों का प्रेम विवाह होने जा रहा था लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि नहीं हो पाई दोनों की शादी...
2 of 4
लड़की पक्ष द्वारा छपवाया गया शादी का कार्ड।
हमीरपुर मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रीवन निवासी मीनाक्षी पुत्री चंद्रशेखर कुशवाहा की शादी बांदा निवासी अर्जुन कुशवाहा के पुत्र सत्येंद्र से तय हुई थी। 24 अप्रैल को बारात आनी थी। शादी के कार्ड आदि छपवाकर सभी रिश्तेदारों व मित्रों को भेजे। शादी की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थी। पिता ने बारातियों व ग्रामीणों के लिए भोजन की पूरी व्यवस्था कर ली और बारात का इंतजार कर रहे थे। लेकिन दूल्हा सत्येंद्र बारात लेकर नहीं आया।
3 of 4
मौदहा में परिजनों के साथ कोतवाली में शिकायत दर्ज कराती दुल्हन।
मीनाक्षी हाथों में मेंहदी लगाए सारी रात दूल्हे के आने का इंतजार करती रही। लेकिन दूल्हे कोई अता पता नहीं चला। बुधवार को मायूस मीनाक्षी अपने पिता के साथ कोतवाली पहुंची और घटना की तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई।
4 of 4
कोतवाली में शिकायत दर्ज कराती दुल्हन।
मीनाक्षी ने बताया कि पढ़ाई के दौरान उसका संपर्क सत्येंद्र से हुआ था। वह रिश्ते में उसका जीजा लगता है। धीरे-धीरे जान पहचान बढ़ने से मित्रता घनिष्ट हो गई। दोनों के बीच मधुर संबंध होने पर सत्येंद्र ने उससे शादी करने का वादा कर संबंध भी स्थापित कर लिए। उसने अपने परिवार व रिश्तेदारों के बीच 24 अप्रैल को विवाह करने की तारीख पक्की की थी। लेकिन ठीक ऐन वक्त पर बारात न लाने से उसकी जिदंगी तबाह हो गई। उनका खाने पीने का सारा सामान बर्बाद हो गया। घटना से घर का खुशी का माहौल मातम में बदल गया। कोतवाली पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है।