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कोरोना का एक साल: 70 की उम्र में दी थी कोरोना को मात, संक्रमण को हराने वाले कानपुर के पहले संक्रमित ने दी ये सलाह
Mon, 22 Mar 2021 11:57 AM IST
शिखा पांडेय
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 22 Mar 2021 11:57 AM IST
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विजय नारायण अपने बेटे विनय के साथ
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के पहले कोरोना संक्रमित विजय नारायण राय का कहना है कि जब उन्हें संक्रमण की पुष्टि हुई तो वह न घबराए और न ही डरे। उन्होंने हौसला और संयम बनाए रखा। अपना रुख सकारात्मक रखा। यही वजह रही कि 70 बरस की उम्र में संक्रमण पर विजय हासिल की।
वैक्सीन की सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
मैंने वैक्सीन लगवाई, आप भी लगवा लें
विजय नारायण ने बताया, मैंने अपनी पत्नी के साथ कोरोना की वैक्सीन लगवा ली है। इसमें नुकसान कुछ भी नहीं है। सारे लोग वैक्सीन लगवाएं। बाकी नियमित योग, व्यायाम करता हूं। आधा घंटा टहलता हूं। ईश्वर की आराधना से भी शक्ति मिलती है। यह भी मेरी दिनचर्या का हिस्सा है। सेहत को नजरअंदाज नहीं करता, हमेशा खुश रहता हूं। आप भी यह करें।
विजय नारायण ने बताया, मैंने अपनी पत्नी के साथ कोरोना की वैक्सीन लगवा ली है। इसमें नुकसान कुछ भी नहीं है। सारे लोग वैक्सीन लगवाएं। बाकी नियमित योग, व्यायाम करता हूं। आधा घंटा टहलता हूं। ईश्वर की आराधना से भी शक्ति मिलती है। यह भी मेरी दिनचर्या का हिस्सा है। सेहत को नजरअंदाज नहीं करता, हमेशा खुश रहता हूं। आप भी यह करें।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
जमातियों के संपर्क में आकर हुई थी कोरोना से पहली मौत
कानपुर में कोरोना से पहली मौत कर्नलगंज के रहने वाले रेडीमेड कपड़े के कारोबारी 49 साल के मोहम्मद अरशद की हुई थी। अरशद को हार्ट, हाई ब्लड शुगर और गुर्दा रोग की समस्या पहले से थी। इसके बाद कोरोना संक्रमण हो गया। पहले उन्हें चुन्नीगंज स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां शक होने पर डॉक्टरों ने जांच कराई तो कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई।
इसके बाद उन्हें हैलट शिफ्ट कर दिया गया, जहां 11 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। मोहम्मद अरशद की मौत के बाद कर्नलगंज को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया था। इसके बाद क्षेत्र में कॉंटैक्ट ट्रेसिंग की गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बाहर से जमात में आए संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से क्षेत्र में संक्रमण आया। मोहम्मद अरशद भी उसी के शिकार हुए।
कानपुर में कोरोना से पहली मौत कर्नलगंज के रहने वाले रेडीमेड कपड़े के कारोबारी 49 साल के मोहम्मद अरशद की हुई थी। अरशद को हार्ट, हाई ब्लड शुगर और गुर्दा रोग की समस्या पहले से थी। इसके बाद कोरोना संक्रमण हो गया। पहले उन्हें चुन्नीगंज स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां शक होने पर डॉक्टरों ने जांच कराई तो कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई।
इसके बाद उन्हें हैलट शिफ्ट कर दिया गया, जहां 11 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। मोहम्मद अरशद की मौत के बाद कर्नलगंज को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया था। इसके बाद क्षेत्र में कॉंटैक्ट ट्रेसिंग की गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बाहर से जमात में आए संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से क्षेत्र में संक्रमण आया। मोहम्मद अरशद भी उसी के शिकार हुए।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना काल में बढ़े अवसाद और ऑब्सेशन के रोगी
कोरोना काल में अवसाद और ऑब्सेशन (सनक) जैसे मानसिक रोगों के मरीज बढ़ गए। लोगों के हाथ धोने की आदत ऑब्सेशन में तब्दील हो गई। इससे आजिज आकर घरवाले उन्हें मनोरोग विशेषज्ञों के पास ले जा रहे हैं। इसके अलावा लॉक डाउन में उन लोगों की स्थिति भी बिगड़ी है, जिन्हें पता नहीं था कि अवसाद है। इसके लिए जीएसवीएम मेडिकल कालेज के मनोरोग विभाग ने हेल्प लाइन भी शुरू की। रोगियों का इलाज चल रहा है।
कोरोना काल में अवसाद और ऑब्सेशन (सनक) जैसे मानसिक रोगों के मरीज बढ़ गए। लोगों के हाथ धोने की आदत ऑब्सेशन में तब्दील हो गई। इससे आजिज आकर घरवाले उन्हें मनोरोग विशेषज्ञों के पास ले जा रहे हैं। इसके अलावा लॉक डाउन में उन लोगों की स्थिति भी बिगड़ी है, जिन्हें पता नहीं था कि अवसाद है। इसके लिए जीएसवीएम मेडिकल कालेज के मनोरोग विभाग ने हेल्प लाइन भी शुरू की। रोगियों का इलाज चल रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
ओपीडी स्तर पर सैंपल सर्वे में पाया गया गया कि कोरोना को लेकर चिंता और तनाव 70 फीसदी लोगों में बढ़ गया था। इससे उनमें अनिद्रा सरीखी दिक्कतें हो रही थीं। वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. गणेश शंकर ने बताया कि अवसाद और एंजाइटी 40 फीसदी लोगों में बढ़ी पाई गई। इसके साथ ऑब्सेशन, नशे की प्रवृत्ति आदि लोगों में बढ़ी थी। उनका कहना है कि इससे लोगों के दैनिक काम प्रभावित हुए हैं। इसका प्रभाव अभी तक है। ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर के रोगी इलाज करा रहे हैं। इसके अलावा क्वारंटीन में रहने वाले लोगों का अवसाद ठीक करने के लिए काउंसलिंग की गई।