{"_id":"677eb924bd060186e60dc8e8","slug":"conference-of-women-mlas-of-up-uttarakhand-organized-2025-01-08","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"एक बच्ची से जुड़ा किस्सा: CM योगी ने बताई स्कूली बच्चों की ड्रेस-स्वेटर और चप्पल मुहैया कराने के पीछे की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक बच्ची से जुड़ा किस्सा: CM योगी ने बताई स्कूली बच्चों की ड्रेस-स्वेटर और चप्पल मुहैया कराने के पीछे की कहानी
Wed, 08 Jan 2025 11:26 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 08 Jan 2025 11:26 PM IST
सार
कानपुर में मुख्यमंत्री योगी ने 2017 का वाक्या बताते हुए सामाजिक विषमता को उकेरा। साथ ही कहा कि 1.91 करोड़ छात्रों को प्रदेश में ड्रेस-चप्पल की सुविधा दी जा रही।
विज्ञापन
महिला विधायक सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला
कॉमन वेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन जोन-एक के बैनर तले बिठूर स्थित एक होटल में बुधवार को यूपी-उत्तराखंड की महिला विधायकों के सम्मेलन का आयोजन किया गया। लैंगिक समानता विषय पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना समेत अन्य महिला मंत्रियों और विधायकों ने विचार रखे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
यूपी कार्यस्थल, उत्तराखंड जन्म स्थान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी और उत्तराखंड से अपना रिश्ता भी बताया। उन्होंने कहा कि यूपी उनका कार्यक्षेत्र है और जन्म उत्तराखंड में हुआ है। उन्होंने उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी के परिवार को राष्ट्र सेवा परिवार बताया। उनके पिता सेना में जनरल भी रहे और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी। उन्होंने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा के सार्वजनिक जीवन के कार्यों को याद किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा
- महिला स्वयंसेवी समूह सक्रिय हों
- ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाया जाए
- राशन की दुकानों में शराब के अलावा अन्य खाद्य सामग्री बेची जा सकती हैं।
- महिला जनप्रतिनिधि घर की तरह कार्यकुशलता का उदाहरण प्रस्तुत करें
- शौचालय नारी गरिमा का प्रतीक
- चार करोड़ महिलाओं को आवास, 10 करोड़ से अधिक रसोई गैस के लाभार्थी
- भारतीय परंपरा ने कभी अपनी बात थोपी नहीं
- उपासना से लेकर प्रत्येक क्षेत्र में कार्य का अवसर दिया गया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी और उत्तराखंड से अपना रिश्ता भी बताया। उन्होंने कहा कि यूपी उनका कार्यक्षेत्र है और जन्म उत्तराखंड में हुआ है। उन्होंने उत्तराखंड की विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी के परिवार को राष्ट्र सेवा परिवार बताया। उनके पिता सेना में जनरल भी रहे और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी। उन्होंने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा के सार्वजनिक जीवन के कार्यों को याद किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा
- महिला स्वयंसेवी समूह सक्रिय हों
- ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाया जाए
- राशन की दुकानों में शराब के अलावा अन्य खाद्य सामग्री बेची जा सकती हैं।
- महिला जनप्रतिनिधि घर की तरह कार्यकुशलता का उदाहरण प्रस्तुत करें
- शौचालय नारी गरिमा का प्रतीक
- चार करोड़ महिलाओं को आवास, 10 करोड़ से अधिक रसोई गैस के लाभार्थी
- भारतीय परंपरा ने कभी अपनी बात थोपी नहीं
- उपासना से लेकर प्रत्येक क्षेत्र में कार्य का अवसर दिया गया
महिला विधायक सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला
महिलाओं के आगे आने से पुरुष पीछे नहीं छूटेंगे: स्मृति ईरानी
यूपी व उत्तराखंड के इतिहास में पहला सबसे बड़ा महिला सम्मेलन कानपुर की धरती पर हो रहा है। इतनी संख्या में महिला जनप्रतिनिधियों का एकजुट होना राजनीतिक और सामाजिक लिहाज से शुभ संकेत है। महिलाओं के एकजुट होने पर पुरुषों को डरने की जरूरत नहीं है। महिला उत्थान या उनकी राजनीतिक शक्ति बढ़ने से पुरुष पीछे नहीं छूटेंगे। ये बातें बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सम्मेलन में कहीं। उन्होंने कहा कि सास, बहू सीरियल से निकलकर जब मैंने राजनीति में कदम रखा तो असली समाज से रूबरू हुई। संगठन में 15 साल का संघर्ष है। उन्होंने कहा कि बोलीं, मंच पर कई विधायक आईं और संघर्ष को बयां किया। ऊषा मौर्य तीन बार हारीं, फिर जीतीं, आज उनकी आवाज में वह संघर्ष दिखा। उन्होंने बताया कि आज यहां आईं प्रतिनिधि में कोई बीएड, एलएलएम किए हैं तो कोई डॉक्टर हैं। इससे साफ है अब पढ़ी लिखीं महिलाएं राजनीति के क्षेत्र में आगे आ रही हैं।
जब महिलाएं राजनीति में नगण्य थीं, तब से प्रमिला दीदी इस क्षेत्र में
सीखने की गुंजाइश हमेशा रहती है। हम सभी को इसमें कोई गुरेज नहीं होना चाहिए। प्रमिला दीदी महापौर तो अब बनीं पर ये तब से राजनीति में हैं, जब महिलाएं इस क्षेत्र में नगण्य थीं। चुनौती कोई हो, महिलाएं समाज में एक-दूसरे का सम्मान बनाए रखें। बेटियां व आने वाली पीढि़यां हमारे पदचिह्नों पर चलना चाहती हैं। इसलिए आपके कंधों का बोझ और बढ़ जाता है।
यूपी व उत्तराखंड के इतिहास में पहला सबसे बड़ा महिला सम्मेलन कानपुर की धरती पर हो रहा है। इतनी संख्या में महिला जनप्रतिनिधियों का एकजुट होना राजनीतिक और सामाजिक लिहाज से शुभ संकेत है। महिलाओं के एकजुट होने पर पुरुषों को डरने की जरूरत नहीं है। महिला उत्थान या उनकी राजनीतिक शक्ति बढ़ने से पुरुष पीछे नहीं छूटेंगे। ये बातें बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सम्मेलन में कहीं। उन्होंने कहा कि सास, बहू सीरियल से निकलकर जब मैंने राजनीति में कदम रखा तो असली समाज से रूबरू हुई। संगठन में 15 साल का संघर्ष है। उन्होंने कहा कि बोलीं, मंच पर कई विधायक आईं और संघर्ष को बयां किया। ऊषा मौर्य तीन बार हारीं, फिर जीतीं, आज उनकी आवाज में वह संघर्ष दिखा। उन्होंने बताया कि आज यहां आईं प्रतिनिधि में कोई बीएड, एलएलएम किए हैं तो कोई डॉक्टर हैं। इससे साफ है अब पढ़ी लिखीं महिलाएं राजनीति के क्षेत्र में आगे आ रही हैं।
जब महिलाएं राजनीति में नगण्य थीं, तब से प्रमिला दीदी इस क्षेत्र में
सीखने की गुंजाइश हमेशा रहती है। हम सभी को इसमें कोई गुरेज नहीं होना चाहिए। प्रमिला दीदी महापौर तो अब बनीं पर ये तब से राजनीति में हैं, जब महिलाएं इस क्षेत्र में नगण्य थीं। चुनौती कोई हो, महिलाएं समाज में एक-दूसरे का सम्मान बनाए रखें। बेटियां व आने वाली पीढि़यां हमारे पदचिह्नों पर चलना चाहती हैं। इसलिए आपके कंधों का बोझ और बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
महिला विधायक सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला
1927 से महिलाओं को वकालत सिखाई जा रही
महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए त्रावणकोर की रानी ने 1927 में अपने राज्य में महिलाओं को वकालत सिखाने का काम किया। 2000 साल पहले महिला के शोषण पर दंड का प्रावधान था। महिलाओं को कैसे और बेहतर किया जाए, ये चिंतन करने का विषय है। महिलाएं जब धन पाती हैं तो वे बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च करती हैं। समाज को फायदा सीधे होता है।
महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए त्रावणकोर की रानी ने 1927 में अपने राज्य में महिलाओं को वकालत सिखाने का काम किया। 2000 साल पहले महिला के शोषण पर दंड का प्रावधान था। महिलाओं को कैसे और बेहतर किया जाए, ये चिंतन करने का विषय है। महिलाएं जब धन पाती हैं तो वे बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च करती हैं। समाज को फायदा सीधे होता है।
विज्ञापन
महिला विधायक सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में सर्दी ज्यादा पर आने से खुद को नहीं रोक सकी
रायबरेली की भाजपा विधायक अदिति सिंह ने कहा कि कानपुर में सर्दी कुछ ज्यादा है। पहले तो मन नहीं हुआ आने का लेकिन विधानसभा अध्यक्ष जी ने बुलाया था तो अपने को रोक नहीं पाई। सम्मेलन में आकर काफी सीखा, ये सच है कि, पुरुषों की अपेक्षा महिला जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियां और मेहनत चार गुना अधिक होती हैं। महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो उनके चरित्र को लेकर बातें होने लगती हैं।
संघर्ष से राजनीति में सफल होने का फ्लेवर और कलेवर अलग
बलिया के बांसडीह विधानसभा की विधायक केतकी सिंह ने कहा कि जब तक हमारा समाज महिलाओं के प्रति जागरूक नहीं होगा, तब तक सोच नहीं बदल सकती। हम सभी को इस चेतना को निचले स्तर तक पहुंचाने के लिए खुद में चेतना जगाने की जरूरत है। राजनीति में आने वालों से कहना चाहती हूं कि अपने बल और संघर्ष से राजनीति में सफल होने का फ्लेवर और कलेवर अलग होता है। इसके लिए महिलाओं को मजबूत होना पड़ेगा।
रायबरेली की भाजपा विधायक अदिति सिंह ने कहा कि कानपुर में सर्दी कुछ ज्यादा है। पहले तो मन नहीं हुआ आने का लेकिन विधानसभा अध्यक्ष जी ने बुलाया था तो अपने को रोक नहीं पाई। सम्मेलन में आकर काफी सीखा, ये सच है कि, पुरुषों की अपेक्षा महिला जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियां और मेहनत चार गुना अधिक होती हैं। महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो उनके चरित्र को लेकर बातें होने लगती हैं।
संघर्ष से राजनीति में सफल होने का फ्लेवर और कलेवर अलग
बलिया के बांसडीह विधानसभा की विधायक केतकी सिंह ने कहा कि जब तक हमारा समाज महिलाओं के प्रति जागरूक नहीं होगा, तब तक सोच नहीं बदल सकती। हम सभी को इस चेतना को निचले स्तर तक पहुंचाने के लिए खुद में चेतना जगाने की जरूरत है। राजनीति में आने वालों से कहना चाहती हूं कि अपने बल और संघर्ष से राजनीति में सफल होने का फ्लेवर और कलेवर अलग होता है। इसके लिए महिलाओं को मजबूत होना पड़ेगा।